हैदराबाद में ज़मीन का सौदा या सोने की खान? सरकारी नीलामी में एक एकड़ ज़मीन ₹264 करोड़ में बिकी
हैदराबाद के रियल एस्टेट बाज़ार ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। यहाँ के प्रमुख आईटी कॉरिडोर में स्थित एक सरकारी ज़मीन की नीलामी ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शुक्रवार को हुई इस ई-नीलामी में…
हैदराबाद के रियल एस्टेट बाज़ार ने एक बार फिर सबको चौंका दिया है। यहाँ के प्रमुख आईटी कॉरिडोर में स्थित एक सरकारी ज़मीन की नीलामी ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। शुक्रवार को हुई इस ई-नीलामी में एक एकड़ ज़मीन 264 करोड़ रुपये की अविश्वसनीय कीमत पर बिकी, जो शहर में ज़मीन की कीमतों का एक नया शिखर है।
समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह नीलामी तेलंगाना इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन (TGIIC) द्वारा आयोजित की गई थी। रैदुर्ग इलाके में स्थित 5.25 एकड़ की इस बेशकीमती ज़मीन को बेचने के लिए न्यूनतम कीमत (रिज़र्व प्राइस) 175 करोड़ रुपये प्रति एकड़ तय की गई थी। लेकिन निवेशकों और डेवलपर्स के ज़बरदस्त उत्साह के चलते अंतिम बोली रिज़र्व प्राइस से लगभग 51% ज़्यादा, यानी 264 करोड़ रुपये प्रति एकड़ पर जाकर रुकी। इस पूरे सौदे से सरकारी खजाने में कुल 1,386 करोड़ रुपये आए।
क्यों अहम है यह रिकॉर्ड नीलामी?
यह रिकॉर्डतोड़ कीमत हैदराबाद को भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ते रियल एस्टेट बाज़ारों में से एक के रूप में स्थापित करती है। अधिकारियों का मानना है कि यह परिणाम तेलंगाना सरकार की बुनियादी ढाँचे पर आधारित विकास की रणनीति पर एक मुहर है। TGIIC के अनुसार, यह सौदा हैदराबाद के रणनीतिक गलियारों में बाज़ार के बढ़ते भरोसे और बड़े डेवलपर्स के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा को भी दर्शाता है।
दिलचस्प बात यह है कि इसी साल मई में हुई पिछली नीलामी में इसी इलाके में ज़मीन का भाव 237 करोड़ रुपये प्रति एकड़ का रिकॉर्ड बना था, जो अब टूट चुका है। कुछ ही महीनों में कीमतों में आया यह उछाल निवेशकों की इस क्षेत्र में बढ़ती दिलचस्पी का साफ़ संकेत है।
पारदर्शी प्रक्रिया और भविष्य पर भरोसा
यह नीलामी पूरी पारदर्शिता के साथ एमएसटीसी (MSTC) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म पर आयोजित की गई, जिसमें जेएलएल (JLL) ने विशेष लेनदेन सलाहकार की भूमिका निभाई। TGIIC के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर के. शशांका ने इस सफलता पर कहा, "नीलामी का यह सफल नतीजा तेलंगाना के भविष्य में डेवलपर्स के भरोसे को दिखाता है। यह सिर्फ़ एक अच्छी कीमत नहीं, बल्कि राज्य के विकास की उस सोच पर एक पक्की मुहर है, जो पारदर्शिता और बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर पर आधारित है।"
इनपुट: IANS



