नगालैंड: IED ब्लास्ट के बाद सघन तलाशी अभियान जारी, शहीद हवलदार का पार्थिव शरीर घर भेजा जाएगा
नगालैंड के चुमौकेदिमा जिले में हुए एक शक्तिशाली आईईडी विस्फोट के बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस घटना में असम राइफल्स के एक हवलदार शहीद हो गए थे और चार
नगालैंड के चुमौकेदिमा जिले में हुए एक शक्तिशाली आईईडी विस्फोट के बाद सुरक्षाबलों ने तलाशी अभियान तेज कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस घटना में असम राइफल्स के एक हवलदार शहीद हो गए थे और चार अन्य जवान घायल हुए थे, जिनकी हालत अब स्थिर बताई जा रही है। मंगलवार को इलाके में असम राइफल्स और पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात की गई हैं।
सोमवार दोपहर को यह धमाका उस समय हुआ जब सुखोवी के पास असम राइफल्स के काफिले का एक वाहन आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) की चपेट में आ गया। अधिकारियों ने बताया कि इस हमले में सुखोवी स्थित असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर और स्कूल से जुड़े 28 वर्षीय हवलदार मोहम्मद इकबाल की जान चली गई। वह जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के रहने वाले थे।
शहीद को श्रद्धांजलि और जांच की स्थिति
मंगलवार दोपहर को चुमौकेदिमा जिले के सुखोवी में स्थित असम राइफल्स ट्रेनिंग सेंटर में शहीद हवलदार को श्रद्धांजलि देने के लिए एक समारोह आयोजित किए जाने की संभावना है। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह राज्य भेजा जाएगा। इस समारोह में असम राइफल्स के महानिदेशक (डीजी) लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा सहित सेना और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है।
नगालैंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि अब तक किसी भी उग्रवादी संगठन या समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। इस विस्फोट में एक आम नागरिक भी घायल हुआ, जिसके पैर में उड़कर आए मलबे से चोट लगी। वहीं, पास में खड़ा एक ऑटो-रिक्शा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
घटना की निंदा और हालिया हमले
नगालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव, मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो, उपमुख्यमंत्री यांथुंगो पैटन और असम राइफल्स के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेरा ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को सजा दिलाने का संकल्प लिया है।
यह घटना पड़ोसी राज्य मणिपुर में हुई एक अन्य वारदात के ठीक आठ दिन बाद हुई है। 6 जुलाई को मणिपुर के उखरुल में संदिग्ध नगा उग्रवादियों ने असम राइफल्स के वाहन पर घात लगाकर हमला किया था, जिसमें वारंट ऑफिसर बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह शहीद हो गए थे।
इनपुट: IANS



