मुंबई का रियल एस्टेट बाज़ार: प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन 14 साल के शिखर पर, सरकारी खजाने में भी इजाफा
मुंबई के रियल एस्टेट बाजार ने जुलाई महीने में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। नाइट फ्रैंक इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जुलाई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की संख्या पिछले 14 वर्षों के…
मुंबई के रियल एस्टेट बाजार ने जुलाई महीने में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। नाइट फ्रैंक इंडिया की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, इस साल जुलाई में प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की संख्या पिछले 14 वर्षों के किसी भी जुलाई महीने के मुकाबले सबसे ज़्यादा रही। यह वृद्धि दर्शाती है कि शहर में घर खरीदने को लेकर लोगों का उत्साह बरकरार है।
समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि जुलाई 2026 में मुंबई में 13,617 संपत्तियों का पंजीकरण होने का अनुमान है। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 8.3 प्रतिशत अधिक है। जुलाई 2025 में 12,579 रजिस्ट्रेशन का पिछला रिकॉर्ड भी इस बार टूट गया।
सरकारी राजस्व में भी उछाल
प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में इस तेजी का सीधा फायदा महाराष्ट्र सरकार के खजाने को भी मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ जुलाई महीने में ही स्टाम्प ड्यूटी से सरकार को 1,223 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है, जो पिछले साल के 1,123 करोड़ रुपये के मुकाबले 8.9 प्रतिशत ज़्यादा है। मासिक आधार पर भी राजस्व संग्रह में 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि रजिस्ट्रेशन की संख्या 2 प्रतिशत बढ़ी।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक, शिशिर बैजल ने कहा, "यह निरंतर गति अंतिम उपभोक्ताओं की मजबूत मांग और घर खरीदने के प्रति कायम विश्वास को दर्शाती है। वर्ष-दर-वर्ष और मासिक आधार पर लेनदेन की संख्या लगभग स्थिर रही, लेकिन राजस्व में मजबूत वृद्धि हुई, जो उच्च मूल्य वाले घरों की मजबूत मांग का संकेत है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि शहर की मजबूत आर्थिक बुनियाद और बुनियादी ढांचा इस मांग को समर्थन दे रहे हैं।
पहली छमाही का प्रदर्शन
एक अन्य रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया है कि 2026 की पहली छमाही (जनवरी से जून) में भी मुंबई के रियल एस्टेट बाजार ने दमदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कुल 80,221 प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन हुए, जो सालाना आधार पर 6 प्रतिशत की वृद्धि है और 2013 के बाद किसी भी पहली छमाही का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। इन सौदों से महाराष्ट्र सरकार को स्टाम्प ड्यूटी के रूप में 6,968 करोड़ रुपये मिले, जो 2013 के बाद का सर्वोच्च स्तर है।
इनपुट: IANS



