89 करोड़ की धोखाधड़ी: दुबई भाग चुके निवेश घोटाले के मुख्य आरोपी को ED ने मुंबई में किया गिरफ्तार
निवेशकों को हर महीने 5% मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगने वाली एक कंपनी के मुख्य आरोपी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अविनाश अर्जुन…
निवेशकों को हर महीने 5% मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगने वाली एक कंपनी के मुख्य आरोपी को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार कर लिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, अविनाश अर्जुन राठौड़ नाम के इस शख्स पर 'एपीएस वेल्थ वेंचर्स एलएलपी' और अन्य फर्मों के जरिए भोले-भाले लोगों से करीब 89 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है।
ईडी के मुंबई जोनल ऑफिस ने राठौड़ को 'प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुणे के चतुर्श्रिंगी पुलिस स्टेशन में दर्ज एक FIR के आधार पर शुरू की गई मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है। बाद में यह मामला पुणे की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दिया गया था।
ऐसे फँसाया निवेशकों को
आरोप है कि राठौड़ और उसकी कंपनी ने निवेशकों को एक आकर्षक योजना का लालच दिया। इसमें हर महीने 5 प्रतिशत मुनाफा देने और 20 महीनों तक मूल निवेश का 5 प्रतिशत हिस्सा वापस करने का वादा किया गया था। इस झांसे में आकर 587 निवेशकों ने लगभग 157 करोड़ रुपए का निवेश कर दिया। ईडी की जांच में सामने आया कि इसमें से करीब 89 करोड़ रुपए निवेशकों को कभी वापस नहीं किए गए।
दुबई कनेक्शन और पैसों का हेरफेर
एजेंसी के अनुसार, राठौड़ ही कंपनी का मुख्य नियंत्रक था, जिसके पास 90% हिस्सेदारी थी और वह सभी वित्तीय फैसले लेता था। जांच में पाया गया कि निवेशकों से जमा की गई रकम को 'एपीएस वेल्थ वेंचर्स' और 'एपीएस स्मार्ट गेन' जैसी संबंधित संस्थाओं के कई बैंक खातों के जरिए घुमाया गया। ईडी ने यह भी बताया कि राठौड़ और उसकी पत्नी अप्रैल 2023 में भारत छोड़कर दुबई चले गए थे। वहां उन्होंने अपनी कंपनी 'वेल्थप्रो इन्वेस्टमेंट कंसल्टेंट एलएलसी' के जरिए इसी तरह की धोखाधड़ी वाली योजना शुरू कर दी थी, जिसकी अब जांच की जाएगी।
ईडी अब राठौड़ से पूछताछ कर रही है ताकि पैसे के पूरे लेन-देन का पता लगाया जा सके, इस अपराध से लाभान्वित होने वाले अन्य लोगों की पहचान की जा सके और उन संपत्तियों का पता लगाया जा सके जो इस पैसे से खरीदी गई हैं।
इनपुट: IANS



