गुरूवार, 5 नवम्बर 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: सूखे की मार झेल रहे किसानों को दिवाली से पहले राहत, सरकार ने जारी की ₹1260 करोड़ की पहली किस्त

कर्नाटक में गंभीर सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए दीपावली से पहले एक बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार ने गुरुवार को किसानों के खातों में सीधे सूखा सहायता राशि की पहली किस्त भेजनी शुरू कर दी है…

कर्नाटक: सूखे की मार झेल रहे किसानों को दिवाली से पहले राहत, सरकार ने जारी की ₹1260 करोड़ की पहली किस्त
(फोटो: IANS)

कर्नाटक में गंभीर सूखे से जूझ रहे किसानों के लिए दीपावली से पहले एक बड़ी राहत की खबर आई है। राज्य सरकार ने गुरुवार को किसानों के खातों में सीधे सूखा सहायता राशि की पहली किस्त भेजनी शुरू कर दी है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने बेंगलुरु के विधान सौधा में इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया।

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सरकार ने पहले चरण में इनपुट सब्सिडी के तौर पर कुल 1,260 करोड़ रुपए जारी किए हैं। यह राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि सरकार किसानों को अधिकतम दो एकड़ भूमि के लिए प्रति एकड़ 2,500 रुपए की सहायता देगी, जिससे प्रत्येक किसान को कुल 5,000 रुपए की मदद मिलेगी।

दो किस्तों में मिलेगी ₹5,000 की मदद

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार के अनुसार, पहली किस्त के रूप में अभी 2,500 रुपए जारी किए जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले 15 दिनों के भीतर बाकी 2,500 रुपए की दूसरी किस्त भी जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा, "दशहरा बीत चुका है और दीपावली आने वाली है, लेकिन किसान मुश्किलों का सामना कर रहे हैं। यह राशि उनकी जिंदगी पूरी तरह नहीं बदल सकती, लेकिन इस कठिन समय में सरकार उनके साथ खड़ी रहना चाहती है।"

राज्य में सूखे की गंभीर स्थिति

कर्नाटक इस समय गंभीर सूखे का सामना कर रहा है। शिवकुमार ने जानकारी दी कि वैज्ञानिक आकलन और सरकारी मानकों के आधार पर राज्य के 226 तालुकों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला किसी राजनीतिक दबाव में नहीं, बल्कि तय नियमों और रिपोर्टों के आधार पर लिया गया है। इस स्थिति का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की तीन टीमें भी राज्य का दौरा कर चुकी हैं।

एक अनुमान के अनुसार, राज्य में करीब 57 लाख हेक्टेयर कृषि क्षेत्र प्रभावित हुआ है, जिससे किसानों को लगभग 62,000 करोड़ रुपए का भारी नुकसान हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कम बारिश के कारण राज्य गंभीर संकट में है और कृषि पर निर्भरता के मामले में यह राजस्थान के बाद दूसरे स्थान पर है।

केंद्र से ₹22,400 करोड़ की मांग

राज्य सरकार ने सूखे से निपटने के लिए केंद्र से भी मदद की गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने बताया कि सूखे से जुड़ी पूरी जानकारी केंद्र सरकार को भेज दी गई है और 22,400 करोड़ रुपए की सहायता मांगी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चर्चा के लिए एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मिलने का समय भी मांगा गया है।

सूखे ने बिजली और पानी की आपूर्ति को भी एक बड़ी चुनौती बना दिया है। सरकार किसानों को मुफ्त बिजली देने पर सालाना करीब 20,000 करोड़ रुपए खर्च करती है, जो इस संकट के कारण बढ़कर 30,000 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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