सोमवार, 7 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
मध्यप्रदेश

रीवा: गर्भवती और शिशु की मौत पर गांधी अस्पताल के चार कर्मचारी सस्पेंड, सरकार ने जांच बैठाई

मध्य प्रदेश के रीवा स्थित गांधी मेमोरियल अस्पताल में एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की दुखद मौत के बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को…

रीवा: गर्भवती और शिशु की मौत पर गांधी अस्पताल के चार कर्मचारी सस्पेंड, सरकार ने जांच बैठाई
(फोटो: IANS)

मध्य प्रदेश के रीवा स्थित गांधी मेमोरियल अस्पताल में एक गर्भवती महिला और उसके अजन्मे बच्चे की दुखद मौत के बाद राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में दो डॉक्टरों और दो नर्सिंग अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, परिजनों ने इलाज में लापरवाही और दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।

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प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला, जिनके पास स्वास्थ्य मंत्रालय का भी प्रभार है, ने शुक्रवार को बताया कि इस पूरी घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन कर दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों की सुरक्षा और निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

क्या है पूरा मामला?

रीवा जिले के हटवा गांव की रहने वाली कल्पना मिश्रा (पत्नी अमित मिश्रा) को 26 अगस्त की देर रात लगभग 2:38 बजे गांधी मेमोरियल अस्पताल के प्रसूति विभाग में भर्ती कराया गया था। उसी दिन रात करीब 11:55 बजे उनकी और उनके अजन्मे शिशु की मृत्यु हो गई। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार, भर्ती के समय कल्पना का प्लेटलेट काउंट महज़ 30,000 प्रति माइक्रोलीटर था, रक्तचाप बहुत ज़्यादा था और लिवर एंजाइम भी बढ़े हुए थे।

डॉक्टरों ने उनकी स्थिति को गंभीर प्री-एक्लेम्पसिया, गंभीर थ्रोम्बोसाइटोपेनिया और HELLP सिंड्रोम से ग्रस्त पाया था। सरकार का कहना है कि प्रोटोकॉल के तहत उनका इलाज शुरू किया गया था।

लापरवाही और दुर्व्यवहार के आरोप

कल्पना के परिवार ने इलाज में लापरवाही बरतने और अस्पताल कर्मचारियों द्वारा दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई। प्रथम दृष्टया कर्तव्य में गंभीर लापरवाही और अनुशासनहीनता के चलते प्रसूति विभाग की डॉ. सोनल अग्रवाल और एनेस्थीसिया विभाग की डॉ. निधि पांडे को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दो नर्सिंग अधिकारियों को परिवार के साथ दुर्व्यवहार के आरोपों के कारण निलंबित किया गया है।

मामले की गहराई से छानबीन के लिए वरिष्ठ डॉक्टरों की एक समिति बनाई गई है। परिवार की मांग पर रीवा जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की संयुक्त टीम ने महिला और उसके अजन्मे बच्चे का पोस्टमार्टम भी किया है।

इनपुट: IANS

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News4Social मध्य प्रदेश डेस्क

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