तमिलनाडु: हिंदू प्रतीकों पर हमले के बाद भाजपा ने CM से की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
तमिलनाडु में हाल ही में हिंदू धार्मिक प्रतीकों से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं ने भक्तों के बीच चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं का हवाला देते हुए राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने सोमवार को मुख्यमंत्री…
तमिलनाडु में हाल ही में हिंदू धार्मिक प्रतीकों से जुड़ी दो अलग-अलग घटनाओं ने भक्तों के बीच चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं का हवाला देते हुए राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने सोमवार को मुख्यमंत्री विजय से अपील की है कि वे हिंदू धार्मिक प्रतीकों और रीति-रिवाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करें। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नागेंद्रन ने प्रशासन पर सभी समुदायों को समान सम्मान न देने का भी आरोप लगाया।
क्या हैं प्रमुख घटनाएँ?
पहली घटना चेन्नई के पास मिंजुर के नीथावोयल इलाके में हुई, जहाँ भगवान मुरुगन के छह पवित्र स्थानों पर ले जाए जा रहे 108 पारंपरिक 'विक्ट्री वेल्स' (पवित्र भाले) से लदे एक वाहन में कुछ अज्ञात लोगों ने आग लगा दी। यह यात्रा सिरुवापुरी से शुरू हुई थी। भाजपा नेता ने बताया कि इस आगजनी में एक आध्यात्मिक-राजनीतिक संगठन के झंडे भी जलकर खाक हो गए। उन्होंने मांग की कि पुलिस दोषियों की पहचान कर तत्काल कानूनी कार्रवाई करे।
दूसरी घटना चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम के पास की है, जहाँ से पन्ने से बनी भगवान मुरुगन की एक मूर्ति गायब हो गई। इस मूर्ति की कीमत कई करोड़ रुपये बताई जा रही है। नागेंद्रन ने कहा कि इन दोनों घटनाओं ने भक्तों को चिंतित कर दिया है और अधिकारियों को इस पर कड़ा कदम उठाने की जरूरत है।
प्रशासन पर भेदभाव का आरोप
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रशासन पर हिंदू मान्यताओं के प्रति भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने तिरुपरनकुंद्रम में दीपक जलाने पर लगी पाबंदियों का उदाहरण देते हुए सवाल उठाया कि जब तक सभी धर्मों के प्रति निष्पक्षता नहीं बरती जाएगी, तब तक धार्मिक सद्भाव कैसे मजबूत हो सकता है।
नागेंद्रन ने चेतावनी दी कि हिंदू प्रतीकों पर बार-बार होने वाले हमले और धार्मिक अभिव्यक्ति को दबाने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसी घटनाओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्ती नहीं की गई तो असामाजिक तत्वों का मनोबल बढ़ेगा। मुख्यमंत्री से अपनी अपील में उन्होंने यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि राज्य में हिंदू पूजा स्थलों, धार्मिक वस्तुओं और परंपराओं को पर्याप्त सुरक्षा मिले। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्ची धर्मनिरपेक्ष सरकार का कर्तव्य केवल अल्पसंख्यकों की नहीं, बल्कि हर धार्मिक समुदाय की समान रूप से रक्षा करना है।
इनपुट: IANS



