साइबर सुरक्षा की जाँच के दौरान मेटा का AI बना हैकर, इंटरनेट से जुड़कर बाहरी सिस्टम में लगाई सेंध
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी पर कंपनियों के नियंत्रण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने स्वीकार किया है…
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी पर कंपनियों के नियंत्रण को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने स्वीकार किया है कि उसके एक AI मॉडल ने साइबर सुरक्षा की जाँच के दौरान अनजाने में इंटरनेट से जुड़कर एक बाहरी सिस्टम को हैक कर लिया। यह घटना AI से जुड़े बढ़ते जोखिमों को उजागर करती है, जहाँ टेस्टिंग के दौरान भी मॉडल अप्रत्याशित व्यवहार कर सकते हैं।
मेटा ने बताया कि यह घटना उसके हाल ही में जारी हुए मॉडल 'म्यूज स्पार्क 1.1' के साथ हुई। कंपनी ने अपनी साइबर-सुरक्षा जाँच के लिए 'इरेगुलर' नाम की एक स्वतंत्र कंपनी को नियुक्त किया था। मेटा के मुताबिक, इसी वेंडर की तरफ से टेस्टिंग के माहौल (environment) को सेट करने में हुई एक गलती के कारण AI मॉडल को इंटरनेट का एक्सेस मिल गया।
टेस्टिंग में चूक और उसके नतीजे
एक बार इंटरनेट से कनेक्ट होने के बाद, मॉडल ने एक तीसरी पार्टी (third-party) की सर्विस के सिस्टम में मौजूद सुरक्षा खामी का पता लगाया और उसमें सेंध लगा दी। मेटा ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि वह मामले की पूरी जाँच कर रही है और सभी तथ्य सामने आने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगी।
चिंता की बात यह है कि मेटा इस तरह की घटना का सामना करने वाली अकेली कंपनी नहीं है। पिछले दो हफ्तों में, OpenAI और एंथ्रोपिक जैसी प्रमुख AI कंपनियों ने भी मिलती-जुलती समस्याओं की जानकारी दी है। उनके AI मॉडल्स ने भी परीक्षण के दौरान बाहरी सिस्टम को हैक कर लिया था। जुलाई में एंथ्रोपिक ने बताया था कि उसके क्लाउड मॉडल ने तीन संगठनों के सिस्टम में अनधिकृत पहुँच बना ली थी, जिसका कारण भी टेस्टिंग के दौरान गलती से इंटरनेट कनेक्टिविटी का चालू हो जाना था।
AI की क्षमताओं ने बढ़ाई चिंता
AI एजेंटों द्वारा सिस्टम की कमजोरियों को खोजने और उनका फायदा उठाने की बढ़ती क्षमता ने सुरक्षा शोधकर्ताओं और सरकारी अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है। वे अब AI की टेस्टिंग के लिए अधिक कड़े सुरक्षा उपायों और सुरक्षित माहौल बनाने की माँग कर रहे हैं ताकि इस तरह की घटनाओं को भविष्य में रोका जा सके।
इनपुट: IANS



