शिलांग हिंसा: CM संगमा का विधानसभा में वादा - SIT करेगी जांच, उपद्रवियों को मिलेगी सजा
मेघालय की राजधानी शिलांग में पिछले हफ़्ते एक बाइक रैली के दौरान हुई हिंसा पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने…
मेघालय की राजधानी शिलांग में पिछले हफ़्ते एक बाइक रैली के दौरान हुई हिंसा पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने 19 अगस्त की घटनाओं का गंभीरता से संज्ञान लिया है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, सीएम ने सदन को भरोसा दिलाया कि इस मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है।
यह हिंसा खासी स्टूडेंट्स यूनियन (KSU) द्वारा आयोजित 'ब्लैक-फ्लैग बाइक रैली' के दौरान भड़की थी। मुख्यमंत्री ने बताया कि ईस्ट खासी हिल्स के डिप्टी कमिश्नर ने इस शर्त पर रैली की अनुमति दी थी कि यह शांतिपूर्ण रहेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
हिंसा और उसके बाद की कार्रवाई
रैली के दौरान उपद्रवियों ने कथित तौर पर 31 गाड़ियों पर पत्थर फेंके और आसपास के लोगों पर हमला किया। इन हमलों में कुल 18 लोग घायल हुए, जिन्हें इलाज के लिए शिलांग सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। चिंता की बात यह है कि निशाना बनाई गई गाड़ियों में से आठ असम में पंजीकृत थीं।
सरकार ने उठाए ये कदम:
मुख्यमंत्री संगमा ने सदन को बताया कि सरकार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 19 अगस्त की रात को ही KSU के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर लिया था। इसके अलावा, मेघालय मेंटेनेंस ऑफ पब्लिक ऑर्डर (एमएमपीओ) एक्ट भी लागू किया गया है। इस मामले में अब तक कुल 15 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।
SIT करेगी गहन जांच
मुख्यमंत्री के अनुसार, हिंसा में शामिल होने के संदेह में पांच नकाबपोश लोगों की पहचान की गई है, जिनमें से एक को गिरफ्तार भी कर लिया गया है। अब पुलिस महानिरीक्षक (कानून-व्यवस्था) के नेतृत्व में एक SIT इस पूरी घटना की विस्तृत जांच करेगी।
संगमा ने स्पष्ट किया कि SIT विशेष रूप से असम में पंजीकृत वाहनों पर हुए हमलों की जांच करेगी। उन्होंने कहा, "मैं सदन और राज्य के नागरिकों को विश्वास दिलाना चाहता हूं कि सरकार हर आवश्यक कदम उठाएगी और हिंसा में शामिल उपद्रवियों को सजा दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी।" उनका कहना था कि इस कार्रवाई का उद्देश्य जवाबदेही तय करना और सामान्य स्थिति बहाल करना है।
इनपुट: IANS



