वीना जॉर्ज पर हमला: मेडिकल रिपोर्ट और नए बयानों से जांच में आया बड़ा मोड़, SIT की जांच जारी
केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज पर कथित हमले के मामले में जांच एक नए और अहम मोड़ पर पहुँच गई है। उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने विशेष जांच दल (SIT) को बताया है कि जॉर्ज के शरीर पर कोई…
केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज पर कथित हमले के मामले में जांच एक नए और अहम मोड़ पर पहुँच गई है। उनका इलाज करने वाले डॉक्टरों ने विशेष जांच दल (SIT) को बताया है कि जॉर्ज के शरीर पर कोई बाहरी चोट के निशान नहीं थे। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, इस खुलासे ने मामले की शुरुआती कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह घटना 25 फरवरी को कन्नूर रेलवे स्टेशन पर हुई थी, जब केरल छात्र संघ (KSU) के कार्यकर्ताओं ने तत्कालीन मंत्री वीना जॉर्ज को काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया था। उस समय वह CPI(M) के नेतृत्व वाली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री थीं।
मेडिकल रिपोर्ट ने बदले समीकरण
जांच के दौरान, कन्नूर के परियारम मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने SIT को बताया कि वीना जॉर्ज को गर्दन में सूजन के कारण ICU में भर्ती किया गया था, न कि किसी बाहरी चोट की वजह से। SIT ने डॉक्टरों के बयान दर्ज कर लिए हैं और अस्पताल से मेडिकल रिकॉर्ड भी हासिल कर लिए हैं।
गवाहों के बदलते बयान
इस मामले में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब वीना जॉर्ज के पूर्व गनमैन अभिलाष ने अपना बयान बदल दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अभिलाष ने SIT को बताया कि KSU कार्यकर्ताओं के खिलाफ हथियार से हमले का उनका शुरुआती बयान जॉर्ज के निर्देश पर दिया गया था। उन्होंने अब स्वीकार किया है कि उन्होंने हथियार से हमला होते हुए नहीं देखा था।
इसी शुरुआती शिकायत के आधार पर पुलिस ने पांच KSU कार्यकर्ताओं के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था। इन कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था और जमानत मिलने से पहले उन्होंने 16 दिन न्यायिक हिरासत में बिताए। इसके अलावा, एक महिला इंस्पेक्टर ने भी SIT को बताया है कि उन्होंने कोई बयान नहीं दिया था, लेकिन उनके नाम से जारी एक बयान देखकर उन्हें हैरानी हुई।
SIT की अगली कार्रवाई
इन नए तथ्यों के प्रकाश में, SIT अब पुलिस महानिदेशक (DGP) को एक रिपोर्ट सौंपने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट में कथित तौर पर झूठा बयान देने के लिए गनमैन अभिलाष के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश किए जाने की संभावना है। रेलवे स्टेशन पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों के बयानों और सीसीटीवी फुटेज से भी हथियार से हमले के आरोप की पुष्टि नहीं हुई थी। कांग्रेस के नेतृत्व वाली UDF सरकार के सत्ता में आने के बाद इस मामले की आगे की जांच के लिए SIT का गठन किया गया था।
इनपुट: IANS



