अंकिता भंडारी हत्याकांड: CBI ने याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अब इस मामले में याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी को समन जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार…
उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच कर रही केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अब इस मामले में याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी को समन जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, पेशे से पत्रकार नेगी को सीबीआई ने पूछताछ के लिए नई दिल्ली स्थित अपने मुख्यालय में बुलाया है।
आशुतोष नेगी उन लोगों में शामिल रहे हैं जो लगातार इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे। गौरतलब है कि इसी साल मार्च 2024 में उत्तराखंड पुलिस ने मामले पर रिपोर्टिंग करने के आरोप में नेगी को गिरफ्तार भी किया था, हालांकि बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी।
जांच का दायरा और हालिया घटनाक्रम
यह घटनाक्रम मामले से जुड़ी एक अन्य महिला, उर्मिला सनावर से सीबीआई की पूछताछ के कुछ ही समय बाद हुआ है। इस महीने की शुरुआत में, एक महिला अधिकारी समेत सीबीआई की चार सदस्यीय टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में सनावर से पूछताछ की थी। इसके बाद सोमवार को उत्तराखंड पुलिस ने सनावर को एक पूर्व भाजपा विधायक के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में एक अलग FIR के तहत सहारनपुर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर लिया।
उर्मिला सनावर की यह गिरफ्तारी भंडारी हत्याकांड के सिलसिले में सीबीआई अदालत के सामने उनकी पेशी से ठीक एक दिन पहले हुई थी। इससे पहले सनावर ने दिल्ली में अंकिता भंडारी के माता-पिता के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। उन्होंने एक वीडियो संदेश में यह भी मांग रखी थी कि जांच सुप्रीम कोर्ट के किसी जज की निगरानी में न होने के कारण सीबीआई को मीडिया की मौजूदगी में उनसे पूछताछ करनी चाहिए।
क्या है अंकिता भंडारी हत्याकांड?
साल 2022 में 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या से पूरे उत्तराखंड में भारी आक्रोश फैल गया था। 18 सितंबर 2022 को उनकी हत्या कर शव को एक नहर में फेंक दिया गया था, जो करीब एक हफ्ते बाद बरामद हुआ। इस मामले की जांच के लिए गठित एक विशेष जांच दल (SIT) ने 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 97 गवाहों के नाम थे।
मामले में रिसॉर्ट के मालिक और मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। हालांकि, परिजनों की लगातार मांग के बाद फरवरी 2024 में सीबीआई ने इस हत्याकांड की जांच अपने हाथ में ले ली।
इनपुट: IANS



