त्योहारों से ठीक पहले मारुति सुजुकी ने बढ़ाई गाड़ियों की कीमतें, जानें कितना पड़ेगा असर
अगर आप त्योहारी मौसम में मारुति सुजुकी की नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर बोझ थोड़ा बढ़ सकता है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने लागत में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए अपने…
अगर आप त्योहारी मौसम में मारुति सुजुकी की नई गाड़ी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर बोझ थोड़ा बढ़ सकता है। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने लागत में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए अपने चुनिंदा मॉडलों की कीमतें बढ़ा दी हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह मूल्य वृद्धि सितंबर महीने से ही लागू हो गई है और कुछ गाड़ियों के दाम 20,000 रुपये तक बढ़ गए हैं।
कंपनी ने एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि पिछले कुछ महीनों से महंगाई का दबाव लगातार बना हुआ है। मारुति सुजुकी के मुताबिक, लागत कम करने के तमाम प्रयासों के बावजूद इनपुट कॉस्ट यानी गाड़ी बनाने में आने वाले खर्च का बोझ कम नहीं हो पा रहा है। कंपनी ने कहा, "महंगाई का बोझ बढ़ने और लागत के लिए मुश्किल हालात बने रहने के कारण, कंपनी बढ़ी हुई लागत का कुछ हिस्सा बाजार पर डालने के लिए मजबूर है।" हालांकि, कंपनी ने यह भरोसा भी दिया है कि वह ग्राहकों पर मूल्य वृद्धि का असर कम से कम रखने की कोशिश जारी रखेगी।
किन मॉडलों पर बढ़ी कीमत?
फिलहाल, मारुति सुजुकी ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि किन खास मॉडलों या वैरिएंट्स की कीमतों में यह बढ़ोतरी की गई है। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है। गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त महीने में भी कंपनी ने अपने एरेना और नेक्सा डीलरशिप पर बिकने वाले मॉडलों के दाम 2,500 रुपये से लेकर 30,000 रुपये तक बढ़ाए थे, जो कि मॉडल और वैरिएंट पर निर्भर करता था।
अन्य कंपनियां भी बढ़ा चुकी हैं दाम
कीमतें बढ़ाने वाली मारुति अकेली कंपनी नहीं है। हाल ही में, कई अन्य प्रमुख कार निर्माताओं ने भी इनपुट लागत में वृद्धि के कारण इसी तरह के कदम उठाए हैं। टाटा मोटर्स ने 1 सितंबर से अपने पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक, सभी तरह के यात्री वाहनों की कीमतों में 25,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की घोषणा की थी। इसी तरह, हुंडई मोटर इंडिया ने भी अपने पूरे पोर्टफोलियो की कीमतों में 1 प्रतिशत तक की वृद्धि की है। यह रुझान दिखाता है कि कार कंपनियां बढ़ती लागत और ग्राहकों की खरीदने की क्षमता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं।
इनपुट: IANS



