मणिपुर में NRC की मांग फिर तेज़, विधायकों का दल समाधान के लिए दिल्ली जाएगा
मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ रही है। राज्य सरकार ने जनसंख्या में बदलाव और अवैध प्रवास से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए इस प्रक्रिया को जल्द…
मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) को अपडेट करने की मांग एक बार फिर ज़ोर पकड़ रही है। राज्य सरकार ने जनसंख्या में बदलाव और अवैध प्रवास से जुड़ी चिंताओं का हवाला देते हुए इस प्रक्रिया को जल्द शुरू करने की अपनी मांग दोहराई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इसी सिलसिले में मणिपुर के विधायकों का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही दिल्ली का दौरा करेगा।
यह प्रतिनिधिमंडल केंद्र सरकार से मिलकर राज्य में NRC अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह करेगा और इस विषय पर आवश्यक मार्गदर्शन मांगेगा। सरकार के प्रवक्ता नित्याइपत चुथेक और भाजपा विधायक सपम रंजन सिंह ने कहा कि सरकार NRC और जनगणना के मुद्दों को लेकर गंभीर है और मणिपुर के लोगों की चिंताओं के साथ खड़ी है।
विधानसभा में दो बार पारित हो चुका है प्रस्ताव
यह मांग नई नहीं है। पूर्व मंत्री रह चुके सपम रंजन सिंह ने बताया कि मणिपुर विधानसभा ने सबसे पहले 5 अगस्त 2022 को राज्य में NRC लागू करने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। बाद में, 1 मार्च 2024 को विधानसभा ने इसी प्रस्ताव की फिर से पुष्टि की। दोनों नेताओं ने मीडिया को बताया कि यह मुद्दा लंबे समय से राज्य सरकार के लिए चिंता का विषय रहा है और इस पर केंद्रीय गृह मंत्रालय से लगातार पत्राचार किया जाता रहा है।
राजनीति से ऊपर उठकर समाधान की अपील
भाजपा विधायक सपम रंजन सिंह ने इस मुद्दे को राज्य और उसके लोगों के भविष्य से जुड़ा बताते हुए इसे किसी भी राजनीतिक दल या समुदाय के मतभेदों से ऊपर रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “सरकार नागरिक संगठनों और मणिपुर की जनता की उस मांग को स्वीकार करती है, जिसमें 2027 की जनगणना से पहले NRC अपडेट करने की बात कही गई है।” उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस मांग को केंद्र के समक्ष उठाती रहेगी और इसे मनवाने के लिए हरसंभव प्रयास करेगी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील
राज्य के विभिन्न जिलों में चल रहे विरोध प्रदर्शनों पर टिप्पणी करते हुए, सपम रंजन सिंह ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध एक लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि, उन्होंने प्रदर्शनकारियों से अपनी मांगों को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से रखने तथा हिंसा से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी आंदोलन से आम लोगों, छात्रों और रोजी-रोटी कमाने वालों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि लगातार प्रयासों और संवाद के माध्यम से इस दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे।
इनपुट: IANS



