पाकिस्तानी ISI समर्थित 'शहजाद भट्टी मॉड्यूल' का भंडाफोड़, 14 राज्यों से 200 से ज़्यादा गिरफ्तार
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले, सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित 'शहजाद भट्टी मॉड्यूल' को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। समाचार…
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले, सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई समर्थित 'शहजाद भट्टी मॉड्यूल' को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को इसकी घोषणा की। इस व्यापक ऑपरेशन के तहत 14 राज्यों में समन्वित कार्रवाई कर 200 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है।
यह मॉड्यूल जांच अधिकारियों के सामने आए सबसे जटिल नेटवर्कों में से एक था। इसकी खासियत युवाओं को सोशल मीडिया के जरिए अपने जाल में फंसाना और भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देना था। एजेंसियों के लिए यह पता लगाना एक बड़ी चुनौती थी कि यह मॉड्यूल असल में क्या कर रहा था, क्योंकि यह एक साथ कई मोर्चों पर काम कर रहा था।
भर्ती का अनोखा और खतरनाक तरीका
एक इन्फ्लुएंसर से ISI का एजेंट बना शहजाद भट्टी युवाओं की मानसिकता को समझने में माहिर था। इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया, "भट्टी की खासियत सोशल मीडिया पर युवाओं की पहचान करना थी। वह और उसके साथी सोशल मीडिया पर उनसे लंबी बातचीत करते थे और उनकी सोच को समझते थे। वह उनकी समस्याओं, असुरक्षाओं और आर्थिक स्थिति जैसी चीजों को जल्दी ही भांप लेता था।" अधिकारी के अनुसार, वह पैसे का लालच देने के साथ-साथ उनकी भावनाओं से खेलकर उन्हें अपने साथ जोड़ता था।
लाइव फीड से लेकर टारगेटेड किलिंग तक
शुरुआत में एजेंसियों को लगा कि यह मॉड्यूल सिर्फ निगरानी का काम कर रहा है, लेकिन जल्द ही इसकी भयावहता सामने आई। भट्टी और उसके साथियों ने महत्वपूर्ण और भीड़-भाड़ वाली जगहों पर सोलर-पावर्ड सीसीटीवी कैमरे लगा दिए थे और उनकी लाइव फीड सीधे पाकिस्तान में अपने आकाओं को भेज रहे थे। एक अधिकारी ने इसे अपनी तरह का पहला मामला बताया। इसके अलावा, यह मॉड्यूल टारगेटेड किलिंग, आतंकी हमले और हथियार व नशीले पदार्थों की तस्करी के लिए भी युवाओं की भर्ती कर रहा था।
सरकार का एक्शन और अगला कदम
गृह मंत्रालय की निगरानी में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। गृह मंत्री का स्पष्ट निर्देश था कि इस नेटवर्क को जल्द से जल्द खत्म किया जाए। मंत्रालय ने 14 राज्यों की पुलिस के बीच बेहतरीन तालमेल सुनिश्चित किया, जिसके परिणामस्वरूप यह बड़ी सफलता मिली। अब सरकार का अगला कदम शहजाद भट्टी को 'गैर-कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम' (UAPA) के तहत नामित आतंकवादी घोषित करना है। इसके बाद इंटरपोल के जरिए उसके खिलाफ 'लुक-आउट' और 'रेड कॉर्नर नोटिस' जारी करवाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि इसके लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
इनपुट: IANS



