कर्नाटक में तीन तमिलों की मौत: उदयनिधि स्टालिन ने अपनी ही सरकार के रुख पर उठाए गंभीर सवाल
कर्नाटक के चामराजनगर में वन विभाग की गोलीबारी में तीन तमिलों की मौत के मामले में तमिलनाडु की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने इस घटना पर अपनी ही राज्य…
कर्नाटक के चामराजनगर में वन विभाग की गोलीबारी में तीन तमिलों की मौत के मामले में तमिलनाडु की राजनीति गरमा गई है। विधानसभा में विपक्ष के नेता और डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन ने इस घटना पर अपनी ही राज्य सरकार के रवैये की तीखी आलोचना की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उदयनिधि ने कहा कि यह हैरान करने वाली बात है कि तमिलनाडु सरकार ने अब तक इस घटना की आधिकारिक तौर पर निंदा तक नहीं की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि विधानसभा में संबंधित मंत्री ने सिर्फ कर्नाटक सरकार के पक्ष को दोहराया। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि घटना को लेकर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री की ओर से अब तक कर्नाटक के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण भी नहीं मांगा गया है, जो कि एक गंभीर चूक है।
न्यायिक जांच और मुआवजे की मांग
उदयनिधि ने मांग की है कि इस मामले की जांच सिर्फ कर्नाटक पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे कर्नाटक सरकार से एक स्वतंत्र और विश्वसनीय न्यायिक जांच की मांग करें। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के दिशानिर्देशों और मानवाधिकार हनन से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी मांग की। इसके अलावा, उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए अतिरिक्त मुआवजे की भी वकालत की।
क्या है पूरा मामला?
यह घटना 15 अगस्त को कर्नाटक के चामराजनगर जिले स्थित कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के एक आरक्षित वन क्षेत्र में हुई थी। कर्नाटक वन विभाग के कर्मियों की गोलीबारी में तीन तमिल नागरिकों—एंथनी सामी, जॉन रोज पीटर और कुमार—की मौत हो गई थी। कर्नाटक सरकार का कहना है कि वन कर्मियों ने आत्मरक्षा में गोलियां चलाईं, क्योंकि कथित शिकारियों ने पहले उन पर गोलीबारी की थी। हालांकि, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने शुरुआती प्रतिक्रिया में इस घटना को 'नरसंहार' करार दिया था।
मुख्यमंत्री की बैठक पर टिकी निगाहें
उदयनिधि स्टालिन ने बताया कि बुधवार को चेन्नई में दक्षिणी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की एक बैठक प्रस्तावित है। उन्होंने मांग की है कि इस बैठक के दौरान तमिलनाडु के मुख्यमंत्री को अपने कर्नाटक समकक्ष से व्यक्तिगत रूप से मिलकर इस घटना पर स्पष्ट जवाब मांगना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे गंभीर मामले में केवल औपचारिक बयान देना काफी नहीं है और सरकार को पीड़ितों के न्याय के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
इनपुट: IANS



