JSSC-CGL परीक्षा रद्द: झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ़ चयनित अभ्यर्थियों का रांची में प्रदर्शन
झारखंड में संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस फैसले के विरोध में मंगलवार को वे सैकड़ों अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए, जो इस…
झारखंड में संयुक्त स्नातक स्तरीय (JSSC-CGL) परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस फैसले के विरोध में मंगलवार को वे सैकड़ों अभ्यर्थी सड़क पर उतर आए, जो इस परीक्षा में सफल होकर नियुक्ति पा चुके थे। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने रांची में प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक एक विरोध मार्च निकाला और सरकार से अपने निर्णय पर फिर से विचार करने की अपील की।
चयनित अभ्यर्थियों के साथ अन्याय?
प्रदर्शन कर रहे सफल अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने वर्षों की कड़ी मेहनत और योग्यता के बल पर यह परीक्षा पास की थी। उनका तर्क है कि अगर परीक्षा प्रक्रिया में कहीं कोई अनियमितता हुई भी है, तो उसकी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, न कि पूरी परीक्षा को ही रद्द कर दिया जाना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर आरोप लगाया कि कुछ छात्रों के आंदोलन के दबाव में यह फैसला लिया गया है, जिसका खामियाजा उन निर्दोष अभ्यर्थियों को भुगतना पड़ रहा है जिन्होंने निष्पक्ष तरीके से सफलता पाई।
मार्च के दौरान ‘न्याय दो या फांसी दो’ जैसे नारे भी लगाए गए। अभ्यर्थियों ने चिंता जताई कि इस फैसले से उन लोगों का भविष्य अधर में लटक गया है, जो चयन के बाद सरकारी सेवा में योगदान भी दे चुके हैं।
सरकार का फैसला और आगे की राह
उल्लेखनीय है कि झारखंड सरकार ने 17 अगस्त को कैबिनेट की एक विशेष बैठक के बाद JSSC-CGL परीक्षा और TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी। इस फैसले को जहां आंदोलनरत छात्रों का एक गुट अपनी जीत बता रहा है, वहीं चयनित उम्मीदवार इसे अपने साथ अन्याय मान रहे हैं। सफल अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो वे अपने भविष्य की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
इनपुट: IANS



