पालघर: आश्रम स्कूल में एक छात्र की मौत, 26 बीमार, महाराष्ट्र में आवासीय स्कूलों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक आवासीय विद्यालय (आश्रम स्कूल) में 7 साल के एक बच्चे की दुखद मौत हो गई है, जबकि 26 अन्य छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के…
महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक आवासीय विद्यालय (आश्रम स्कूल) में 7 साल के एक बच्चे की दुखद मौत हो गई है, जबकि 26 अन्य छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस घटना ने राज्य के आदिवासी आश्रम स्कूलों में स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति पर एक बार फिर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
यह मामला मसवण स्थित आश्रम स्कूल का है। पहली कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र को 22 अगस्त को तेज बुखार आया था, जिसके बाद उसे स्थानीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को जब बच्चे का बुखार लौटा तो डॉक्टरों ने पाया कि उसके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर रहा है।
छात्र की मौत और अन्य बच्चों की स्थिति
बिगड़ती हालत को देखते हुए पीएचसी के डॉक्टर ने बच्चे को तुरंत मनोर के ग्रामीण अस्पताल ले जाने की सलाह दी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसका ईसीजी किया और उसे मृत घोषित कर दिया। मौत का सटीक कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
इस घटना के बाद, स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने स्कूल पहुंचकर सभी छात्रों की जांच की। स्कूल में कुल 449 छात्र पढ़ते हैं, जिनमें से 395 हॉस्टल में रहते हैं। एहतियात के तौर पर सर्दी, खांसी और बुखार जैसे हल्के लक्षण वाले 26 छात्रों को मसवण पीएचसी में निगरानी में रखा गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रशासनिक कार्रवाई और पिछला रिकॉर्ड
घटना की सूचना मिलते ही एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना अधिकारी विशाल खत्री ने स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती छात्रों और उनके माता-पिता से भी मुलाकात की।
यह घटना कुछ ही हफ्ते पहले गढ़चिरौली जिले में हुई एक और त्रासदी की याद दिलाती है, जहाँ एक आवासीय स्कूल में जमीन पर सो रही तीन आदिवासी छात्राओं की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई थी। गौरतलब है कि इसी महीने की शुरुआत में अधिकारियों ने जानकारी दी थी कि पिछले दो वर्षों में महाराष्ट्र के सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त आवासीय स्कूलों में 584 छात्रों की मौत हुई है, जिनके कारणों में सांप का काटना, बीमारियां, दुर्घटनाएं और आत्महत्या शामिल हैं।
इनपुट: IANS



