गुरूवार, 20 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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जापान: सरकार की सैन्य नीतियों और 'इतिहास भुलाने' के खिलाफ टोक्यो में हज़ारों का प्रदर्शन

जापान की ताकाइची सरकार के खिलाफ हज़ारों लोग राजधानी टोक्यो की सड़कों पर उतर आए। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर अपने इतिहास की अनदेखी करने और देश को सैन्य…

जापान: सरकार की सैन्य नीतियों और 'इतिहास भुलाने' के खिलाफ टोक्यो में हज़ारों का प्रदर्शन
(फोटो: IANS)

जापान की ताकाइची सरकार के खिलाफ हज़ारों लोग राजधानी टोक्यो की सड़कों पर उतर आए। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर अपने इतिहास की अनदेखी करने और देश को सैन्य विस्तार की खतरनाक राह पर ले जाने का आरोप लगाया है। यह विरोध प्रदर्शन बुधवार शाम को नेशनल डाइट बिल्डिंग (संसद भवन) के बाहर हुआ।

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आयोजकों का दावा है कि इस रैली में करीब 15,000 लोग सीधे तौर पर शामिल हुए, जबकि 25,000 अन्य लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी भागीदारी दर्ज कराई। प्रदर्शन में शामिल लोग बैनर और तख्तियां लिए हुए थे, जिन पर "सेना के विस्तार का विरोध करें" और "शांतिवादी संविधान की रक्षा करें" जैसे संदेश लिखे थे। वे "ताकाइची, अभी पद छोड़ें" के नारे भी लगा रहे थे।

प्रमुख नेताओं और नागरिकों की चिंताएँ

जापान की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता मिज़ुहो फुकुशिमा ने सरकार के रुख की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त को युद्ध में मारे गए लोगों के लिए आयोजित राष्ट्रीय स्मारक समारोह में प्रधानमंत्री ताकाइची ने अपने संबोधन में जापान के पिछले आक्रामक युद्धों पर "विचार" करने का कोई ज़िक्र नहीं किया। फुकुशिमा ने देश के 'तीन परमाणु-विरोधी सिद्धांतों' पर सरकार की अस्पष्टता को भी एक "बहुत गंभीर मुद्दा" बताया।

कई आम नागरिकों ने भी सरकार की नीतियों पर चिंता व्यक्त की। ओकिनावा से आए एक प्रदर्शनकारी कियोमासा कोमेसु ने कहा कि ताकाइची सरकार सेना के विस्तार की राह पर चल रही है और जापान की मौजूदा नीतियों में "युद्ध की आक्रामक प्रवृत्ति" साफ दिखती है। साकुमा नाम के एक अन्य प्रदर्शनकारी ने राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी की स्थापना जैसे कदमों का विरोध करते हुए चेतावनी दी कि "युद्ध की आहट सुनाई दे रही है।"

सैन्य विस्तार और संवैधानिक बदलावों का विरोध

यह विरोध प्रदर्शन सरकार द्वारा हाल ही में उठाए गए कई कदमों की पृष्ठभूमि में हुआ है। ताकाइची सरकार रक्षा बजट बढ़ाने, घातक हथियारों के निर्यात पर लगी पाबंदियों में ढील देने, और मध्यम तथा लंबी दूरी की मिसाइलों की तैनाती को आगे बढ़ाने जैसे प्रयास कर रही है। साथ ही, जापान के शांतिवादी संविधान में बदलाव की कोशिशें भी की जा रही हैं। इन्हीं घटनाक्रमों ने जापान के शांति समूहों और नागरिकों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है।

इनपुट: IANS

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