अमेरिका: 6.5 करोड़ लोगों को बिजली संकट से बचाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल, पावर प्लांट को मिली विशेष छूट
अमेरिका के 13 राज्यों और वाशिंगटन डीसी में रहने वाले लगभग 6.5 करोड़ लोगों को बिजली कटौती के खतरे से बचाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा…
अमेरिका के 13 राज्यों और वाशिंगटन डीसी में रहने वाले लगभग 6.5 करोड़ लोगों को बिजली कटौती के खतरे से बचाने के लिए ट्रंप प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने एक आपातकालीन आदेश जारी कर मिड-अटलांटिक क्षेत्र में एक पावर यूनिट को निर्धारित सीमा से अधिक बिजली उत्पादन करने की अनुमति दी है।
यह आदेश फेडरल पावर एक्ट की धारा 202(सी) के तहत बुधवार को जारी किया गया। इसके तहत मैरीलैंड के एनी अरुंडेल काउंटी में स्थित वागनर जनरेटिंग स्टेशन की यूनिट 4 को अतिरिक्त बिजली उत्पादन की छूट मिली है। इसका उद्देश्य गर्मी और बढ़ती मांग के कारण क्षेत्र में बिजली की कमी के जोखिम को कम करना है।
क्यों पड़ी इस आदेश की ज़रूरत?
मिड-अटलांटिक क्षेत्र में बिजली सप्लाई का समन्वय करने वाली संस्था, पीजेएम इंटरकनेक्शन ने संघीय हस्तक्षेप का अनुरोध किया था। पीजेएम का मानना था कि बिजली की ज़्यादा मांग वाले समय में इस यूनिट की ज़रूरत पड़ेगी। इस क्षेत्र में देश के सबसे बड़े डेटा सेंटर स्थित हैं, खासकर उत्तरी वर्जीनिया, जो क्लाउड-कंप्यूटिंग और इंटरनेट ट्रैफिक का एक बड़ा वैश्विक केंद्र बन गया है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांटों के कारण बिजली की खपत तेज़ी से बढ़ रही है। इन सुविधाओं को लगातार बड़ी मात्रा में बिजली की आवश्यकता होती है। ऐसे में पुराने पावर प्लांटों के बंद होने और चरम मौसम की घटनाओं के कारण अमेरिका के बिजली नेटवर्क पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
प्रशासन का क्या कहना है?
ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने इस फैसले पर कहा, "6.5 करोड़ अमेरिकियों के लिए बिजली की कमी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।" उन्होंने विश्वास जताया कि यह आदेश ग्रिड को विश्वसनीय बनाए रखने में मदद करेगा। उन्होंने आगे कहा, "आज का आदेश ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने की तत्काल जरूरत को अस्थायी रूप से पूरा करने में मदद करेगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि मिड-अटलांटिक क्षेत्र के लोगों को धूप हो या हवा चले, सस्ती, भरोसेमंद और सुरक्षित बिजली मिलती रहे।"
ऊर्जा विभाग के मुताबिक, यह आपातकालीन आदेश 20 अगस्त से 17 नवंबर तक प्रभावी रहेगा। इस आदेश का संचालन पीजेएम इंटरकनेक्शन और टैलन एनर्जी कॉरपोरेशन मिलकर करेंगे। फेडरल पावर एक्ट की धारा 202(सी) ऊर्जा मंत्री को ऐसी आपात स्थितियों में अस्थायी निर्देश जारी करने का अधिकार देती है, जब उपभोक्ताओं के लिए बिजली की कमी का खतरा हो।
इनपुट: IANS



