भारत और जापान की रक्षा वार्ता: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति और सुरक्षा सहयोग बढ़ाने पर ज़ोर
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ भारत और जापान ने अपने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह…
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने के लक्ष्य के साथ भारत और जापान ने अपने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह सहमति गुरुवार को नई दिल्ली में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उनके जापानी समकक्ष शिंजिरो कोइजुमी के बीच हुई एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक में बनी।
इस वार्ता का मुख्य केंद्र बिंदु हिंद-प्रशांत क्षेत्र में नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखना, समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और स्वतंत्र व्यापार को बढ़ावा देना रहा, जो दोनों देशों के लिए साझा प्राथमिकता है। जापान की सुरक्षा नीति में भी ‘मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत’ की अवधारणा को विशेष महत्व दिया गया है।
साझा मूल्य और रणनीतिक साझेदारी
बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत-जापान संबंध साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आपसी सम्मान और पुराने सभ्यतागत रिश्तों पर आधारित हैं। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि दोनों देश अगले वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मनाएंगे। सिंह के अनुसार, “एशिया के दो प्रमुख लोकतंत्रों के रूप में, क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाना भारत और जापान की जिम्मेदारी है।”
उन्होंने कहा कि भारत और जापान की मित्रता पिछले कुछ वर्षों में हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और नियम-आधारित व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण आधारशिला बन गई है।
समुद्री सुरक्षा और रक्षा प्रौद्योगिकी पर फोकस
राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि नौवहन की स्वतंत्रता और वैध व्यापार को बिना बाधा के जारी रखना सिर्फ़ एक आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि एक रणनीतिक अनिवार्यता भी है, क्योंकि दोनों देशों की समुद्री जीवनरेखाएं बढ़ती चुनौतियों का सामना कर रही हैं। उन्होंने भारत के 'महासागर' (SAGAR - Security and Growth for All in the Region) दृष्टिकोण और जापान की 'मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत' पहल के बीच तालमेल को पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण बताया।
बैठक में दोनों पक्षों ने रक्षा उपकरण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा की। इसमें विशेष रूप से 'मेक इन इंडिया' पहल के तहत रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक साझेदारी को मजबूत करने के अवसरों पर विचार किया गया। गौरतलब है कि दोनों देश सैन्य अभ्यासों से आगे बढ़कर अब रक्षा उद्योग और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं।
अपनी द्विपक्षीय वार्ता से पहले, 20 अगस्त को जापानी रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का दौरा किया और शहीद सैनिकों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इनपुट: IANS



