ईरान के ड्रोन हमलों से कुवैत में सैन्य ठिकाने और पावर प्लांट तबाह, कई सैनिक घायल
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी क्षेत्र में भी खुलकर दिखने लगा है। शुक्रवार को ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों में कुवैत के कई सैनिक घायल हो गए और देश के एक अहम बिजली और जल संयंत्र…
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब खाड़ी क्षेत्र में भी खुलकर दिखने लगा है। शुक्रवार को ईरान द्वारा किए गए ड्रोन हमलों में कुवैत के कई सैनिक घायल हो गए और देश के एक अहम बिजली और जल संयंत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, कुवैत ने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
कुवैत की सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी दी कि शुक्रवार सुबह दुश्मन के ड्रोनों ने कई सैन्य ठिकानों और कैंपों को निशाना बनाया, जिससे कई जवान घायल हो गए। इसके साथ ही, देश के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने भी 'एक्स' पर पुष्टि की कि एक ईरानी हमले में बिजली उत्पादन और समुद्री पानी को शुद्ध करने वाले (डीसैलिनेशन) प्लांट को नुकसान पहुंचा, जिसके बाद वहां आग लग गई।
सरकार की प्रतिक्रिया और अपील
मंत्रालय के अनुसार, दमकल की टीमों ने आग पर काबू पा लिया है और तकनीकी टीमें नुकसान की मरम्मत में जुट गई हैं ताकि प्लांट को जल्द से जल्द फिर से चालू किया जा सके। इस बीच, सरकार ने नागरिकों से इस 'असाधारण स्थिति' में बिजली बचाने की अपील की है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया और चेतावनी दी कि इससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। साथ ही, कुवैत ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकार सुरक्षित रखने की बात कही।
ईरान ने ली हमलों की ज़िम्मेदारी
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब जून के मध्य में अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के भीतर शांति वार्ता के लिए एक समझौता हुआ था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने शुक्रवार को इन हमलों की ज़िम्मेदारी ली है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, आईआरजीसी ने इसे जवाबी कार्रवाई बताते हुए कहा कि उसने ऑपरेशन 'नस्र-2' के तहत सीरिया में अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशंस कमांड सेंटर, ओमान में रडार ठिकानों और कुवैत में अमेरिकी हथियारों के गोदामों पर हमले किए हैं।
आईआरजीसी ने अपने बयान में दावा किया कि कुवैत में अमेरिकी ठिकाने पर की गई कार्रवाई में मिसाइल रक्षा निगरानी रडार, दो 'हिमर्स' लॉन्चर और कई अमेरिकी हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई।
इनपुट: IANS



