केरल PSC भर्ती विवाद: उत्तर पुस्तिका जाँच में चूक के बाद सरकार विजिलेंस जाँच पर कर रही विचार
केरल में लोक सेवा आयोग (PSC) की भर्ती परीक्षाओं में मूल्यांकन की गड़बड़ियों को लेकर उठे विवाद के बाद राज्य सरकार अब इस पूरे मामले की जाँच सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) से कराने की संभावन
केरल में लोक सेवा आयोग (PSC) की भर्ती परीक्षाओं में मूल्यांकन की गड़बड़ियों को लेकर उठे विवाद के बाद राज्य सरकार अब इस पूरे मामले की जाँच सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (VACB) से कराने की संभावना तलाश रही है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राज्य योजना बोर्ड में तीन वरिष्ठ पदों के लिए हुई परीक्षा में परीक्षकों द्वारा अभ्यर्थियों के 10 सवालों के जवाबों को जाँचे बिना ही नतीजे घोषित कर दिए गए।
समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का गृह विभाग इस बात पर कानूनी राय ले रहा है कि क्या PSC जैसे संवैधानिक निकाय के कामकाज की विजिलेंस जाँच कराई जा सकती है। कानूनी सलाह मिलने के बाद ही इस पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा, जिसके राज्य मंत्रिमंडल की अगली बैठक में होने की उम्मीद है।
क्यों उठ रहे हैं जाँच पर सवाल?
सरकार यह कदम इसलिए उठा रही है क्योंकि PSC की अपनी आंतरिक जाँच की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आलोचकों और विपक्ष का आरोप है कि जाँच का जिम्मा एक ऐसे अधिकारी को दिया गया है जो सीधे PSC अध्यक्ष को रिपोर्ट करते हैं। इससे यह चिंता बढ़ गई है कि जाँच निष्पक्ष नहीं होगी और दोषियों को बचाया जा सकता है।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा विवाद राज्य योजना बोर्ड में 'चीफ' स्तर के तीन पदों पर भर्ती से जुड़ा है। आरोप है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में परीक्षकों ने हर अभ्यर्थी के 10 उत्तरों को जाँचा ही नहीं। इस बड़ी चूक के बावजूद, PSC ने तीन में से दो पदों के लिए रैंक-सूची जारी कर दी और उन पर नियुक्तियाँ भी कर दीं। मामला तब खुला जब एक उम्मीदवार ने केरल प्रशासनिक न्यायाधिकरण (Kerala Administrative Tribunal) में शिकायत की, जहाँ PSC ने अपनी गलती स्वीकार की।
अन्य भर्तियों पर भी संदेह
इस एक मामले के सामने आने के बाद कई अन्य सरकारी भर्तियों पर भी सवाल उठने लगे हैं। मत्स्य विस्तार अधिकारी (Fisheries Extension Officer), सहायक सूचना अधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (विशेष भर्ती), विधि कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर, केरल प्रशासनिक सेवा (KAS) और विश्वविद्यालयों में जनसंपर्क अधिकारी जैसे कई पदों की भर्ती प्रक्रिया को लेकर भी शिकायतें दर्ज हुई हैं। सूत्रों के अनुसार, संबंधित मंत्रियों ने मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन से इन सभी मामलों की निष्पक्ष जाँच सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। सरकार इन शिकायतों को भी विजिलेंस विभाग को सौंपने पर विचार कर रही है।
इनपुट: IANS



