कर्नाटक: कावेरी जल विवाद पर सियासत गरमाई, भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर लगाए 'चोरी-छिपे' पानी छोड़ने के आरोप
कर्नाटक में कावेरी नदी के पानी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता आर. अशोक ने शनिवार को कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह…
कर्नाटक में कावेरी नदी के पानी को लेकर एक बार फिर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता आर. अशोक ने शनिवार को कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह तमिलनाडु को गुप्त रूप से कावेरी का पानी दे रही है, जबकि राज्य खुद पानी की कमी से जूझ रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, अशोक ने दावा किया कि सरकार रात के अंधेरे में कृष्णराज सागर (KRS) बांध के गेट खोलकर यह कर रही है।
भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार और जल संसाधन मंत्री एन. चालुवरायस्वामी पर निशाना साधते हुए सरकार पर इस मुद्दे पर "दोहरा रवैया" अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "एक तरफ सरकार कहती है कि वह तमिलनाडु को पानी नहीं छोड़ेगी, वहीं दूसरी तरफ गुपचुप तरीके से केआरएस बांध के गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।"
किसानों की अनदेखी और आंदोलन की चेतावनी
आर. अशोक ने चिंता जताते हुए कहा कि मंड्या, मैसूरु और चामराजनगर के किसान परेशान हैं और उनकी फसलें सूख रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन सबके बावजूद, सरकार अपने राजनीतिक सहयोगियों को खुश करने के लिए तमिलनाडु को पानी छोड़ रही है। उन्होंने सवाल किया, "जब केआरएस जलाशय में कन्नड़ लोगों के लिए पर्याप्त पानी नहीं है, तो सरकार तमिलनाडु को पानी छोड़ने की इतनी जल्दी में क्यों है?"
भाजपा ने चेतावनी दी है कि अगर पानी छोड़ना तत्काल बंद नहीं किया गया तो वह पूरे कर्नाटक में अपना आंदोलन तेज करेगी। अशोक ने कहा, "कन्नड़ लोगों के धैर्य की परीक्षा न लें... अगर पानी छोड़ना तत्काल बंद नहीं किया गया तो हम पूरे राज्य में सड़कों पर उतरेंगे।"
शराब नीति पर भी सरकार को घेरा
कावेरी जल विवाद के अलावा, आर. अशोक ने राज्य की आबकारी नीति को लेकर भी कांग्रेस सरकार की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी मुफ्त गारंटी योजनाओं से हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए लोगों को शराब की लत की ओर धकेल रही है।
उन्होंने दावा किया कि आबकारी अधिकारियों और शराब दुकानदारों पर 45,000 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य हासिल करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसके लिए उन्हें हर महीने औसतन 3,800 करोड़ रुपये की शराब बिक्री का लक्ष्य दिया गया है। लक्ष्य पूरा न होने पर अधिकारियों को परेशान करने और कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी आरोप लगाया गया। अशोक ने मुख्यमंत्री से अपील की कि वे राजस्व बढ़ाने के लिए कन्नड़ लोगों के स्वास्थ्य और भविष्य के साथ "खिलवाड़" न करें।
इनपुट: IANS



