JPSC परीक्षा विवाद: रांची में छात्रों का प्रदर्शन 16वें दिन भी जारी, सरकार से बातचीत फिर बेनतीजा
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे…
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध-प्रदर्शन रविवार को 16वें दिन भी जारी रहा। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे इस आंदोलन में सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत का दूसरा दौर भी बेनतीजा रहा, जिससे गतिरोध बना हुआ है।
समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, 2 जुलाई को परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद से ही छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों की मुख्य मांगों में कथित धांधली वाली परीक्षाओं को रद्द करना, भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और भविष्य की परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना शामिल है। प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि सरकार बार-बार बातचीत के लिए तो बुलाती है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं करती, जिसे वे "खोखले वादे" बता रहे हैं।
भूख हड़ताल पर छात्र, स्वास्थ्य बिगड़ा
आंदोलन को तेज करते हुए कई छात्र नेता भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 2 अगस्त से अनशन पर हैं और शनिवार देर रात उनकी तबीयत बिगड़ गई। डॉक्टरों की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें सलाइन चढ़ाया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनका ब्लड शुगर लेवल काफी गिर गया था।
बिगड़ती सेहत के बावजूद महतो ने अपना अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने IANS से कहा, "रात करीब 2:30 बजे उन्होंने खून का सैंपल लिया...ब्लड शुगर का लेवल बहुत कम था। उसके बाद, उन्होंने सलाइन देना शुरू किया और तब से हालत में थोड़ा सुधार हुआ है।" उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों का ठोस समाधान नहीं होता, वे पीछे नहीं हटेंगे।
सरकार पर बातचीत में समय बर्बाद करने का आरोप
छात्र नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश का आरोप लगाया है। छात्र नेता चंदन ने कहा, "पुलिस अधिकारी और प्रशासन रात में छात्रों को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कोशिश कर रहे थे। छात्र अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।" वहीं, भूख हड़ताल पर बैठे एक अन्य छात्र नेता प्रेम नायक ने कहा, "बातचीत के लिए बुलाकर और हमारी मांगें न मानकर हमारा समय बर्बाद न किया जाए।"
दोनों पक्षों के बीच अब तक दो दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई सहमति नहीं बन पाई है। शनिवार को हुई दूसरी वार्ता भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी। इस बीच, छात्रों ने 10 अगस्त को विधानसभा तक विरोध मार्च निकालने की भी घोषणा की है।
इनपुट: IANS



