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कश्मीरी पंडित सर्वानंद कौल की हत्या: 34 साल बाद SIA ने J&K में नौ जगहों पर मारे छापे

जम्मू-कश्मीर में करीब साढ़े तीन दशक पहले हुए एक दोहरे हत्याकांड की जांच में राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, SIA ने 1990 में प्रसिद्ध कश्मीरी…

कश्मीरी पंडित सर्वानंद कौल की हत्या: 34 साल बाद SIA ने J&K में नौ जगहों पर मारे छापे
(फोटो: IANS)

जम्मू-कश्मीर में करीब साढ़े तीन दशक पहले हुए एक दोहरे हत्याकांड की जांच में राज्य जांच एजेंसी (SIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, SIA ने 1990 में प्रसिद्ध कश्मीरी पंडित कवि-विद्वान सर्वानंद कौल 'प्रेमी' और उनके बेटे वीरेंद्र कौल की हत्या के सिलसिले में बुधवार को नौ ठिकानों पर एक साथ तलाशी ली। इस कार्रवाई का मकसद उन हत्यारों और उनके सहयोगियों का पता लगाना है जो अब तक फरार हैं।

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सर्वानंद कौल और उनके बेटे को 1990 में अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके स्थित उनके गांव सोआफ शाली से अगवा कर लिया गया था। बाद में दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उनके शव एक पेड़ से लटके हुए पाए गए थे। इस निर्मम हत्याकांड ने पूरी घाटी में सनसनी फैला दी थी और इसे उस आतंकी अभियान का एक भयावह प्रतीक माना गया, जिसके कारण अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को कश्मीर से पलायन के लिए मजबूर होना पड़ा।

कौन थे सर्वानंद कौल 'प्रेमी'?

सर्वानंद कौल 'प्रेमी' जम्मू-कश्मीर के सबसे सम्मानित साहित्यकारों में से एक थे। वह एक विद्वान कवि होने के साथ-साथ एक स्वतंत्रता सेनानी भी थे, जिन्होंने भारत की आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से भाग लिया था। उन्होंने दशकों तक अपनी लेखनी और अभियानों के जरिए राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सद्भाव और कश्मीरी समुदायों के बीच भाईचारे का संदेश दिया। उनकी हत्या को एकता की आवाज पर एक हमले के रूप में देखा गया, जिसने इस घटना को और भी गंभीर बना दिया।

जांच और छापेमारी का विवरण

अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को हुई ये छापेमारी अनंतनाग जिले के डूरू पुलिस स्टेशन में दर्ज एक प्राथमिकी (FIR) के संबंध में की गई, जिसकी जांच अब SIA कर रही है। एजेंसी ने बुधवार को राजौरी जिले में 6, जम्मू में 2 और घाटी में एक जगह पर तलाशी अभियान चलाया। ऑपरेशन से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि तलाशी में उन संपत्तियों और लोगों को निशाना बनाया गया, जिनके 1990 के इस अपहरण और हत्या की साजिश से जुड़े होने का संदेह है।

यह कार्रवाई SIA द्वारा एक अन्य पुराने मामले में मिली सफलता के बाद हुई है। एजेंसी ने हाल ही में जून में 737 पन्नों की चार्जशीट दायर की थी, जिसमें JKLF प्रमुख यासीन मलिक को 1990 में नर्स सरला भट्ट के अपहरण, प्रताड़ना और हत्या का मास्टरमाइंड बताया गया था। यह मामला भी 34 साल बाद दोबारा खोला गया था। अब एजेंसी कश्मीरी पंडित समुदाय को निशाना बनाकर की गई अनसुलझी हत्याओं की जांच का दायरा बढ़ा रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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