ईरान के साथ टकराव को ट्रंप ने 'पूर्ण युद्ध' मानने से किया इनकार, होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को एक 'सैन्य संघर्ष' बताया है, न कि कोई 'पूर्ण युद्ध'। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने न केवल तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका…
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रहे तनाव को एक 'सैन्य संघर्ष' बताया है, न कि कोई 'पूर्ण युद्ध'। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ने न केवल तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है, बल्कि महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर भी उसका पूरा नियंत्रण है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, "मैं इसे मिलिट्री कॉन्फ्लिक्ट (सैन्य टकराव) कहता हूं, क्योंकि हमारे लिए यह कोई बड़ी बात नहीं है। यह कोई बहुत बड़ी घटना नहीं है।" यह टिप्पणी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस द्वारा इस टकराव को 'युद्ध' मानने से इनकार करने के संदर्भ में आई थी।
सैन्य कार्रवाई का बचाव
इस पांच महीने लंबे ऑपरेशन में 18 अमेरिकी सैनिकों की मौत होने के बावजूद, ट्रंप ने इसकी तुलना वियतनाम और अफगानिस्तान जैसे लंबे अमेरिकी युद्धों से करने से इनकार किया। उन्होंने इसे एक "रुक-रुक कर होने वाली घटना" करार देते हुए कहा, "हम अभी लड़ाई नहीं कर रहे हैं। कोई लड़ाई नहीं चल रही है।"
ट्रंप ने जोर देकर कहा कि अमेरिकी कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु शक्ति बनने से रोकना था। उन्होंने कहा, "ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होगा। हमने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया है।"
ईरान को चेतावनी और नियंत्रण का दावा
राष्ट्रपति ने ईरान को भविष्य में भी कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने 'पिकएक्स' नामक एक स्थान का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर वहां कोई गतिविधि देखी गई तो अमेरिका फिर से जोरदार हमला कर सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाले ईरानी रडार, विमान और अन्य उपकरणों को नष्ट कर दिया है। ट्रंप ने कहा, "होर्मुज जलडमरूमध्य पर हमारा नियंत्रण है और हमारा नियंत्रण बहुत मजबूत है।"
अपने बयानों में ट्रंप ने यहां तक कहा, "हमने वेनेजुएला पर कब्जा कर लिया और असल में ईरान पर भी कब्जा कर लिया है।" उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर अमेरिका अभी ऑपरेशन रोक दे तो ईरान को फिर से खड़ा होने में 25 साल लग जाएंगे।
चीन की भूमिका और होर्मुज का बदलता महत्व
ईरान के साथ चीन के संबंधों पर एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस मामले में शामिल न होने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा, "मैंने राष्ट्रपति शी से कहा कि कृपया इसमें शामिल न हों। वे असल में शामिल नहीं हैं, चीन की बहुत कम भागीदारी है।"
ट्रंप ने यह भी कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का रणनीतिक महत्व पहले जैसा नहीं रहा, क्योंकि अब मध्य पूर्व में पाइपलाइनें बनाई जा रही हैं, जो तेल परिवहन के लिए वैकल्पिक मार्ग प्रदान करती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि चीन को इसी जलमार्ग से बड़ी मात्रा में तेल की आपूर्ति होती है।
इनपुट: IANS



