आंध्र प्रदेश: जगन मोहन रेड्डी ने छेड़ा 'माविगुन बनाम अमरावती' का मुद्दा, अगला चुनाव इसी पर लड़ने का ऐलान
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की राजनीति में एक नया चुनावी मुद्दा उछाल दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि अगला विधानसभा चुना
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और YSR कांग्रेस पार्टी (YSRCP) के अध्यक्ष वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की राजनीति में एक नया चुनावी मुद्दा उछाल दिया है। उन्होंने ऐलान किया है कि अगला विधानसभा चुनाव 'माविगुन बनाम अमरावती' के मुद्दे पर लड़ा जाएगा, जिसमें उनकी पार्टी पूरी तरह से 'माविगुन' के पक्ष में खड़ी होगी।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जगन मोहन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि YSRCP इस मुद्दे को न केवल प्रमुखता से उठाएगी, बल्कि अपने चुनावी घोषणापत्र में भी शामिल करेगी। उन्होंने कहा, "अगला चुनाव माविगुन बनाम अमरावती के बीच होगा। हम माविगुन के साथ हैं। जो लोग माविगुन के पक्ष में हैं, वे वाईएसआरसीपी को वोट देंगे और जो अमरावती के पक्ष में हैं, वे चंद्रबाबू को वोट देंगे।"
राजधानी पर क्यों छिड़ा है विवाद?
दरअसल, 'माविगुन' जगन मोहन रेड्डी द्वारा प्रस्तावित वह राजधानी कॉरिडोर है जिसमें मछलीपट्टनम, विजयवाड़ा और गुंटूर शामिल हैं। वह अमरावती को राजधानी बनाने का विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है, "अमरावती के नाम पर भारी भ्रष्टाचार हो रहा है और हम इसके पूरी तरह खिलाफ हैं।"
उन्होंने अपनी प्रस्तावित योजना का बचाव करते हुए कहा, "माविगुन इसका सही जवाब है। अमरावती के नाम पर ठेकेदारों को बहुत अधिक दरों पर भुगतान किया जा रहा है, जबकि माविगुन के पास प्राकृतिक फायदे और पहले से मौजूद बुनियादी ढांचा है।"
TDP पर लगाए गंभीर आरोप
पूर्व मुख्यमंत्री ने तेलुगु देशम पार्टी (TDP) पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि TDP नेता जाति और धर्म के मुद्दों को भड़का रहे हैं, जबकि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू इस पर चुप हैं। उन्होंने मांग की कि TDP को इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धर्म बदलने से किसी व्यक्ति का सामाजिक दर्जा नहीं बदलता और उनकी पार्टी यह बात विधानसभा में पहले भी रख चुकी है।
कानून-व्यवस्था और अन्य मुद्दे
जगन मोहन रेड्डी ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार राजनीतिक बदले की भावना से पुलिस का इस्तेमाल कर रही है और सरकार पर सवाल उठाने वालों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। इसी संदर्भ में उन्होंने साईं कृष्णा की कथित हिरासत में मौत का जिक्र करते हुए कहा कि मामले को लंबे समय तक दबाने की कोशिश की गई। इसके अलावा, उन्होंने किसान समस्याओं को लेकर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि YSRCP सरकार की योजनाओं को खत्म किया जा रहा है, जिससे किसान परेशान हैं।
इनपुट: IANS



