पाकिस्तान में मानसून की बारिश का कहर, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब में 26 लोगों की मौत
पाकिस्तान के कई हिस्सों में मानसून की भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। देश के दो बड़े प्रांतों, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब में, बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक कम से कम 26 लोगों की…
पाकिस्तान के कई हिस्सों में मानसून की भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। देश के दो बड़े प्रांतों, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब में, बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक कम से कम 26 लोगों की जान जा चुकी है और दर्जनों घायल हुए हैं। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, 19 जुलाई से जारी इस बारिश के कारण कई मकान ढह गए और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
खैबर पख्तूनख्वा में सबसे ज्यादा नुकसान
प्रांतीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (पीडीएमए) ने गुरुवार को जानकारी दी कि अकेले खैबर पख्तूनख्वा में ही 18 लोगों की मौत हुई है और 19 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में आठ बच्चे, सात पुरुष और तीन महिलाएं शामिल हैं। ज्यादातर मौतें घरों की छत या दीवार गिरने और अचानक आई बाढ़ की चपेट में आने से हुईं। बारिश और बाढ़ ने प्रांत के कई जिलों में 30 मकानों को भी नुकसान पहुँचाया, जिनमें से 7 पूरी तरह तबाह हो गए। प्रभावित जिलों में बुनैर, स्वाबी, पेशावर, नौशेरा, एबटाबाद और मानसेहरा समेत उत्तर और दक्षिण वजीरिस्तान शामिल हैं।
पंजाब में भी बारिश का कहर
पंजाब प्रांत में भी बारिश से जुड़ी घटनाओं में आठ लोगों की मौत की खबर है, जबकि 14 अन्य घायल हुए हैं। सबसे ज्यादा प्रभावित गुजरांवाला शहर रहा, जहां छह लोगों की जान चली गई, जिनमें ज्यादातर बच्चे थे। यहां मौतें छत गिरने, तालाब में डूबने और करंट लगने जैसी घटनाओं के कारण हुईं। पाकपत्तन जिले में भी एक मकान की छत गिरने से दो बच्चों की मौत हो गई और उनकी मां घायल हो गईं। इसके अलावा, लाहौर के गुलशन-ए-रावी इलाके में एक फैक्ट्री की छत गिरने से चार मजदूर घायल हो गए।
बुनियादी ढाँचे पर असर
लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने शहरी जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। पीडीएमए के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव अभियान जारी है, जिसमें रेस्क्यू 1122 और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगी हुई हैं। गुजरात और गुजरांवाला में लगभग 10 घंटे की बारिश के कारण मुख्य मार्ग और इलाके पानी में डूब गए, जिससे व्यापारिक गतिविधियां ठप हो गईं। गुजरांवाला में मेट्रो बस परियोजना के लिए चल रही खुदाई के कारण जलभराव की स्थिति और भी गंभीर हो गई, जिससे लोगों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
इनपुट: IANS



