होर्मुज जलडमरूमध्य में तैनाती पर अमेरिका से बात करेगा दक्षिण कोरिया, ईरान की चेतावनी को कर सकता है दरकिनार
ईरान की सार्वजनिक चेतावनी के बावजूद, दक्षिण कोरिया होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी सेना की संभावित तैनाती पर अमेरिका के साथ इस सप्ताह चर्चा कर सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देश बुसान में…
ईरान की सार्वजनिक चेतावनी के बावजूद, दक्षिण कोरिया होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी सेना की संभावित तैनाती पर अमेरिका के साथ इस सप्ताह चर्चा कर सकता है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देश बुसान में द्विवार्षिक रक्षा वार्ता करने जा रहे हैं, जिसमें यह संवेदनशील मुद्दा उठने की प्रबल संभावना है।
दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को जानकारी दी कि 'कोरिया-अमेरिका इंटीग्रेटेड डिफेंस डायलॉग' (KIDD) की यह बैठक बुधवार से शुक्रवार तक दक्षिण-पूर्वी बंदरगाह शहर बुसान में आयोजित होगी। अमेरिका लंबे समय से इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग की सुरक्षा में शामिल होने के लिए दक्षिण कोरिया पर दबाव डालता रहा है। हालांकि दोनों पक्षों ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि इस बैठक के एजेंडे में होर्मुज का मुद्दा शामिल होगा।
रक्षा वार्ता के मुख्य एजेंडे
इस बैठक में कई अहम सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा होनी है। दक्षिण कोरिया की ओर से उप रक्षा मंत्री (नीति) किम होंग-चोल और अमेरिका की ओर से पूर्वी एशिया मामलों के उप सहायक रक्षा सचिव जॉर्ज लेमूर प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। उनके साथ दोनों देशों के अन्य वरिष्ठ रक्षा और विदेश मामलों के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
वार्ता का एक प्रमुख विषय युद्धकालीन सैन्य संचालन नियंत्रण (OPCON) का हस्तांतरण है। दक्षिण कोरिया चाहता है कि यह अधिकार अमेरिका से उसे वापस मिल जाए ताकि वह अपनी सेना का पूर्ण नियंत्रण हासिल कर सके। इसके अलावा, दोनों देशों की संयुक्त रक्षा व्यवस्था और जहाज निर्माण क्षेत्र में सहयोग जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।
होर्मुज पर दक्षिण कोरिया का रुख
पिछले सप्ताह दक्षिण कोरिया ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सुरक्षा स्थिति का आकलन करने के लिए एक टीम संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भेजी थी। इस कदम से अटकलें तेज हो गई थीं कि सोल इस क्षेत्र में सैन्य बल भेजने पर गंभीरता से विचार कर रहा है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। दूसरी ओर, ईरान पहले ही चेतावनी दे चुका है कि इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य तैनाती के 'गंभीर परिणाम' होंगे।
KIDD वार्ता का महत्व
कोरिया-अमेरिका इंटीग्रेटेड डिफेंस डायलॉग (KIDD) की शुरुआत 2011 में हुई थी और यह दोनों सहयोगियों के बीच एक वरिष्ठ-स्तरीय व्यापक रक्षा वार्ता है। इस साल यह दूसरी KIDD बैठक है; पिछला सत्र मई में वाशिंगटन में हुआ था। यह पहली बार है जब यह बैठक सोल या वाशिंगटन के बाहर आयोजित की जा रही है, जो जहाज निर्माण में दोनों देशों के बढ़ते सहयोग को दर्शाता है।
इनपुट: IANS



