लखनऊ यूनिवर्सिटी: नौकरी से निकाले गए 100 सुरक्षाकर्मी धरने पर, NSUI ने भी दिया समर्थन
लखनऊ विश्वविद्यालय में अचानक नौकरी से हटाए जाने के बाद करीब 100 सुरक्षाकर्मियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, नौकरी बहाली की मांग को लेकर इन…
लखनऊ विश्वविद्यालय में अचानक नौकरी से हटाए जाने के बाद करीब 100 सुरक्षाकर्मियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, नौकरी बहाली की मांग को लेकर इन कर्मचारियों ने भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
प्रदर्शनकारी सुरक्षाकर्मियों का कहना है कि वे कई वर्षों से विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे थे, कुछ तो 12 साल से भी ज्यादा समय से कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना के उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया, जिससे उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। गार्डों के अनुसार, बच्चों की पढ़ाई और घर का खर्च इसी नौकरी पर निर्भर था।
एजेंसी की कार्रवाई पर सवाल
सुरक्षाकर्मियों ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार, कुलसचिव की अनुमति के बिना किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जा सकता, लेकिन एजेंसी ने इस नियम का उल्लंघन किया है। कर्मचारियों ने यह भी दावा किया है कि यह सिर्फ शुरुआत है और एजेंसी की योजना लगभग 60 फीसदी सुरक्षा गार्डों को हटाने की है। एजेंसी की तरफ से गार्डों के निर्धारित मानकों पर खरे न उतरने की बात कही जा रही है, जबकि कर्मचारियों का कहना है कि वे सभी मानकों को पूरा करने के लिए तैयार हैं और इतने वर्षों की सेवा में उनके खिलाफ कोई शिकायत भी नहीं आई।
प्रशासन से समायोजन की मांग
धरने पर बैठे गार्डों ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है। उन्होंने एक पत्र सौंपकर मांग की है कि या तो उन्हें पुरानी नौकरी पर बहाल किया जाए या फिर विश्वविद्यालय में खाली पड़े चौकीदार और अन्य पदों पर उनकी योग्यता के अनुसार समायोजित किया जाए। NSUI ने भी गार्डों की मांगों का समर्थन करते हुए चेतावनी दी है कि जब तक समस्या का समाधान नहीं होता, प्रदर्शन जारी रहेगा।
इनपुट: IANS



