केरल: कन्नूर में CPI(M) का आंतरिक कलह और गहराया, बागी विधायक के समर्थक के फार्म पर फिर हमला
केरल के कन्नूर जिले में CPI(M) के भीतर चल रहा आंतरिक संकट और गहराता दिख रहा है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद अब बागी विधायक वी. कुंजीकृष्णन के एक प्रमुख समर्थक टी. पुरुषोत्तमन के…
केरल के कन्नूर जिले में CPI(M) के भीतर चल रहा आंतरिक संकट और गहराता दिख रहा है। विधानसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद अब बागी विधायक वी. कुंजीकृष्णन के एक प्रमुख समर्थक टी. पुरुषोत्तमन के झींगा फार्म में आगजनी की घटना सामने आई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह पुरुषोत्तमन पर हुआ दूसरा हमला है, जिसके लिए उन्होंने राजनीतिक रंजिश को जिम्मेदार ठहराया है।
यह घटना पय्यन्नूर के कंदनकली इलाके में हुई, जहाँ पुरुषोत्तमन के झींगा फार्म में बने एक शेड को आधी रात के बाद आग लगा दी गई। गुरुवार सुबह जब वे झींगों को चारा देने पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि शेड पूरी तरह जलकर खाक हो चुका था। इसमें रखा झींगा चारा, जाल, परिवहन बक्से, पाइप और ट्रे समेत सारा सामान नष्ट हो गया।
दूसरा हमला और गंभीर आरोप
पुरुषोत्तमन ने आरोप लगाया है कि यह हमला राजनीतिक कारणों से किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि झींगों के बच्चों को मारने के लिए तालाब में कोई अज्ञात तरल पदार्थ भी मिलाया गया है। साथ ही, उन्होंने हमले में किसी विस्फोटक पदार्थ के इस्तेमाल का भी शक जाहिर किया है। उन्होंने इस घटना के लिए पूर्व विधायक टी.आई. मधुसूदनन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि हाल ही में उन्होंने सार्वजनिक तौर पर उन्हें निशाना बनाया था।
यह पुरुषोत्तमन पर पहला हमला नहीं है। इससे पहले विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके घर पर हमला कर उनकी कार में आग लगा दी गई थी, जिसके सिलसिले में CPI(M) के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने कहा, "पूर्व विधायक के मेरे खिलाफ बोलने के बाद सोशल मीडिया पर भी मेरे खिलाफ अभियान चलाया गया। यह हमला उसी के बाद हुआ।" पुरुषोत्तमन ने बताया कि वह इस मामले में पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराएंगे।
CPI(M) के लिए बढ़ती चिंता
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब CPI(M) का राष्ट्रीय और राज्य नेतृत्व विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चे की बड़ी हार की समीक्षा कर रहा है। इन चुनावों में पार्टी 140 सदस्यीय केरल विधानसभा में 99 सीटों से घटकर महज 35 पर सिमट गई। कन्नूर, जो कभी CPI(M) का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता था, वहां पय्यन्नूर और तालिपरंबा जैसी पारंपरिक सीटों पर बागी उम्मीदवारों की जीत ने पार्टी के भीतर की गहरी दरारों को उजागर कर दिया है।
इनपुट: IANS



