शुक्रवार, 11 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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ईरान का नया दावा: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी समुद्री ड्रोन को निशाना बनाया

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों को लेकर एक और बड़ा दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC की नौसेना ने…

ईरान का नया दावा: होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी समुद्री ड्रोन को निशाना बनाया
(फोटो: IANS)

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य में अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों को लेकर एक और बड़ा दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, IRGC की नौसेना ने जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर एक अमेरिकी मानवरहित समुद्री वाहन (USV) को निशाना बनाया है।

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IRGC ने अपने आधिकारिक समाचार मंच 'सेपाह न्यूज़' पर जारी बयान में कहा कि यह ड्रोन 'सेलड्रोन एक्सप्लोरर' (Saildrone Explorer) प्रकार का था और एक 'आक्रामक मिशन' पर था। बयान के मुताबिक, इस तरह के ड्रोन पहले बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट और टास्क फोर्स 59 द्वारा इस्तेमाल किए जाते थे, लेकिन अब इनका संचालन ओमान के खासाब में तैनात एक यूनिट कर रही है।

लगातार बढ़ रहा तनाव

यह घटना इस क्षेत्र में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव की नवीनतम कड़ी है। इससे ठीक पहले, मंगलवार को IRGC नौसेना ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार पर ही अमेरिकी सेना की एक उन्नत मानवरहित पनडुब्बी 'डाइव-एलडी' (Dive-LD) को पकड़ने का दावा किया था। उस दावे पर अमेरिकी सेना ने कहा था कि उनका एक अंडरवाटर ड्रोन तकनीकी खराबी का शिकार हुआ था, लेकिन यह पुष्टि नहीं की थी कि वह ईरान के कब्जे में है या नहीं।

इन दावों के साथ, IRGC ने एक बार फिर होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर अपने नियंत्रण का दावा दोहराया और चेतावनी दी कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में किसी भी 'शत्रुतापूर्ण उपस्थिति' को निशाना बनाया जाएगा।

'प्रतिबंधित क्षेत्र' की घोषणा की तैयारी

बुधवार को IRGC ने यह भी घोषणा की कि ईरान जल्द ही क्षेत्रीय समुद्री इलाकों में एक 'प्रतिबंधित क्षेत्र' घोषित करेगा। अर्ध-सरकारी तस्नीम समाचार एजेंसी ने IRGC के प्रवक्ता हुसैन मोहब्बी के हवाले से कहा, "अगर कोई जहाज बिना समन्वय के इस क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उस पर हमारे प्रतिबंधात्मक कदम लागू होंगे।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका मतलब यह हो सकता है कि ऐसे जहाजों को भविष्य में होर्मुज़ जलडमरूमध्य का उपयोग करने से रोका जा सकता है और उन्हें बंदरगाह तथा बीमा जैसी सेवाएं भी नहीं मिलेंगी। इस क्षेत्र की सटीक सीमाएं बाद में घोषित की जाएंगी, लेकिन इसमें चाबहार बंदरगाह के आसपास का इलाका, ओमान की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्से शामिल हो सकते हैं। मोहब्बी ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को 'ईरान की ताकत का जलडमरूमध्य' बताया।

इसी बीच, बुधवार को ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक रात पहले कई ईरानी तेल टैंकरों पर हुए कथित अमेरिकी हमले की भी कड़ी निंदा की है।

इनपुट: IANS

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