ईरान की अमेरिका को चेतावनी: हमला हुआ तो मददगार देशों के ठिकानों पर भी करेंगे जवाबी कार्रवाई
ईरान ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वह किसी भी आक्रामक पक्ष की शर्तों पर युद्ध समाप्त नहीं होने देगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के हवाले से IANS ने बताया कि सोमवार को तेहरान में एक साप्ताहिक…
ईरान ने अमेरिका को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि वह किसी भी आक्रामक पक्ष की शर्तों पर युद्ध समाप्त नहीं होने देगा। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के हवाले से IANS ने बताया कि सोमवार को तेहरान में एक साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने देश के दृढ़ रुख को स्पष्ट किया।
बाघेई ने कहा, "हम निश्चित रूप से युद्ध शुरू करने वाले पक्ष नहीं रहे हैं, लेकिन हम युद्ध का अंत आक्रामक पक्षों की शर्तों पर नहीं होने देंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और किसी भी सूरत में हमलावरों के साथ समझौता नहीं करेगा या उनकी अनुचित मांगों के आगे नहीं झुकेगा।
प्रतिबंध और मनोवैज्ञानिक युद्ध
प्रवक्ता ने अमेरिका के नए ईरान-विरोधी आर्थिक अभियानों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इन प्रतिबंधों को मुक्त व्यापार और राष्ट्रीय संप्रभुता पर हमला बताते हुए कहा कि तेहरान इनका मुकाबला करने के लिए सभी बहुपक्षीय क्षमताओं का उपयोग करेगा। इसके अलावा, बाघेई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के खुला होने और वहां से लाखों बैरल तेल गुजरने के अमेरिकी दावे को "मनोवैज्ञानिक और मीडिया युद्ध" का हिस्सा बताकर खारिज कर दिया। उन्होंने अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को भी एक आक्रामक कार्रवाई करार दिया।
हमले में मदद करने वालों को चेतावनी
पश्चिमी मीडिया में आ रही उन रिपोर्टों पर भी बाघेई ने प्रतिक्रिया दी, जिनमें कहा गया था कि युद्ध फिर से शुरू होने पर ईरान यूरोप में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई भी देश ईरान के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई के लिए अपनी जमीन, सैन्य अड्डे या संसाधनों का इस्तेमाल होने देता है, तो ईरान को उस हमले के स्रोत पर जवाबी कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे देशों को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इनपुट: IANS



