ईरान के राष्ट्रपति का बड़ा बयान, कहा — 'देश आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा युद्ध का सामना कर रहा है'
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनका देश दुश्मनों के साथ एक चौतरफा युद्ध में घिरा हुआ है, जो आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा के मोर्चों पर लड़ा जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के…
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि उनका देश दुश्मनों के साथ एक चौतरफा युद्ध में घिरा हुआ है, जो आर्थिक, सैन्य और सुरक्षा के मोर्चों पर लड़ा जा रहा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ने रविवार को एक टेलीविज़न संबोधन में यह बात कही। उन्होंने ज़ोर देकर कहा, "अमेरिका के दबाव के बावजूद हम इस युद्ध के सामने खड़े हैं और लोगों की सेवा के लिए प्रयास कर रहे हैं।"
पेजेश्कियन ने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं पर प्रकाश डालते हुए आश्वासन दिया कि प्रशासन महंगाई को कम करने और आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को दूर करने के लिए पूरी लगन से काम कर रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव और ट्रंप की चेतावनी
यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट में ईरान को चेतावनी दी थी। उन्होंने ईरान को "जीवन रेखा प्रदान करने वाले किसी भी देश के खिलाफ अब तक के सबसे कठोर आर्थिक ऑपरेशन" की घोषणा की थी। इस कदम को "आर्थिक डी-डे" बताते हुए ट्रंप ने कहा था, "यह अभूतपूर्व पैमाने पर आर्थिक युद्ध और अलगाव होगा।"
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने रविवार को एक बयान में कहा कि अमेरिका के पास ईरानी लोगों से सम्मानपूर्वक बात करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। उन्होंने ट्रंप के आर्थिक ऑपरेशन के दावे को "एक दोहराया जाने वाला परिदृश्य" और अमेरिकी नीतियों में हमेशा मौजूद रहने वाली "धौंस" करार दिया। अराघची ने कहा, "एक मायने में यह एक दोहराई जाने वाली फिल्म है जिसे हमने बार-बार देखा है और हम जानते हैं कि इससे कैसे निपटना है।"
अधर में लटका शांति समझौता
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव ने हाल ही में सुलह की कोशिशों को भी बड़ा झटका दिया है। दोनों देशों ने 18 जून को लेबनान सहित सभी मोर्चों पर क्षेत्रीय युद्ध समाप्त करने के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते के तहत 60 दिनों के भीतर एक अंतिम सौदे पर बातचीत पूरी होनी थी, जिसकी समय सीमा सोमवार को समाप्त हो गई। लेकिन पिछले महीने से दोनों देशों के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण इस बातचीत और समझौते का भविष्य अनिश्चित हो गया है।
पड़ोसी देशों को ईरान की चेतावनी
इसी बीच, ईरान के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने पड़ोसी और अन्य देशों को अमेरिका के आर्थिक दबाव अभियान में शामिल होने के खिलाफ चेतावनी दी है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसिन रेजाई ने शनिवार को सरकारी टीवी चैनल IRIB TV को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि तेहरान ऐसे देशों को दुश्मन मानेगा। उन्होंने कहा कि ईरान पहले संबंधित देशों से बातचीत कर उनसे अमेरिका के इस "आर्थिक युद्ध" में भाग न लेने का आग्रह करेगा।
इनपुट: IANS



