कांगो सरकार और M23 विद्रोही शांति वार्ता के रोडमैप पर सहमत, बातचीत का अगला दौर तय
अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार और विद्रोही गुट 'मार्च 23 मूवमेंट' (M23) के बीच शांति…
अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) में शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, सरकार और विद्रोही गुट 'मार्च 23 मूवमेंट' (M23) के बीच शांति वार्ता के लिए एक रोडमैप पर सहमति बन गई है, जिसमें बातचीत के अगले चरणों की समय-सीमा भी निर्धारित की गई है।
यह अहम फैसला स्विट्जरलैंड में 17 से 21 अगस्त के बीच हुई बैठकों के दौरान लिया गया। दोनों पक्षों द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में बताया गया कि इस दौरान उन्होंने दोहा शांति प्रक्रिया में अब तक हुई प्रगति और सामने आई चुनौतियों का मूल्यांकन किया। साथ ही, दोहा फ्रेमवर्क समझौते के तहत बातचीत को आगे बढ़ाने और मौजूदा प्रतिबद्धताओं को लागू करने के तरीकों पर भी चर्चा की गई।
शांति बहाली के अहम कदम
इस आकलन के बाद, दोनों पक्षों ने भविष्य की बातचीत के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया। सिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के हवाले से कहा गया है कि वे फ्रेमवर्क समझौते के तहत अपने दायित्वों को लागू करने की प्रगति की समीक्षा के लिए एक तंत्र स्थापित करने पर भी राजी हुए हैं। इस तंत्र का काम क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों का समाधान करना होगा।
बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने संघर्ष-विराम सत्यापन तंत्र को सक्रिय करने में हुई प्रगति का स्वागत किया। इस दिशा में पहला सत्यापन मिशन 24 अगस्त को पूर्वी डीआरसी के साउथ किवु प्रांत के मिनेंब्वे में निर्धारित है। साथ ही, संघर्ष-विराम के उल्लंघन की घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए एक मानक प्रक्रिया अपनाने के महत्व पर भी जोर दिया गया।
पहले की सहमतियाँ और पृष्ठभूमि
यह प्रगति अप्रैल में स्विट्जरलैंड के मोंट्रोक्स में हुई वार्ता पर आधारित है, जहाँ मानवीय सहायता की पहुँच और संघर्ष-विराम की निगरानी जैसे मुद्दों पर 'काफी प्रगति' हुई थी। उस बैठक में, दोनों पक्ष नागरिकों की संपत्ति को नष्ट न करने और संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में मानवीय सहायता कर्मियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने पर सहमत हुए थे। इसके अलावा, आपसी विश्वास बढ़ाने के लिए 10 दिनों के भीतर कैदियों को रिहा करने का भी वादा किया गया था।
जनवरी 2025 से, M23 विद्रोहियों ने उत्तरी किवु और दक्षिणी किवु के पूर्वी प्रांतों में अपने हमले तेज कर दिए थे और कई प्रमुख शहरों पर कब्जा कर लिया था। दोनों पक्षों ने अब व्यापक शांति और संघर्ष समाधान की दिशा में बातचीत जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
इनपुट: IANS



