तमिलनाडु: बेमौसम बारिश से 2000 एकड़ धान की फसल बर्बाद, ईपीएस ने की प्रति एकड़ ₹30,000 मुआवजे की मांग
तमिलनाडु के डेल्टा जिलों में पिछले दो दिनों में हुई अप्रत्याशित भारी बारिश ने कटाई के लिए तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस स्थिति पर चिंता जताते…
तमिलनाडु के डेल्टा जिलों में पिछले दो दिनों में हुई अप्रत्याशित भारी बारिश ने कटाई के लिए तैयार धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। इस स्थिति पर चिंता जताते हुए AIADMK महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पाडी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) ने DMK सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने प्रभावित किसानों के लिए प्रति एकड़ ₹30,000 के मुआवजे का आग्रह किया है।
एक बयान जारी कर पलानीस्वामी ने कहा कि तिरुवरूर और नागपट्टिनम जैसे डेल्टा जिलों में लगभग 2,000 एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूबकर नष्ट हो गई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपनी पकी हुई फसल को बर्बाद होते देख किसान हताश हैं और उनकी आजीविका की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है।
किसानों की दोहरी मार
ईपीएस ने बताया कि इस साल 12 जून को कुरुवई की खेती के लिए मेट्टूर बांध से पानी नहीं छोड़ा गया था। इसके चलते कई किसानों को कर्ज लेकर भूजल का उपयोग करके अपनी फसलें उगानी पड़ीं। जब उनकी फसलें कटाई के लिए लगभग तैयार थीं, तब बेमौसम बारिश ने उनकी सारी मेहनत पर पानी फेर दिया, जिससे वे गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग
पलानीस्वामी ने मांग की कि राज्य सरकार बिना किसी देरी के राजस्व और कृषि विभागों के अधिकारियों की टीमों को प्रभावित जिलों में भेजे। उन्होंने कहा कि इन टीमों को नुकसान का व्यापक आकलन करना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी प्रभावित किसान राहत से वंचित न रहे।
अपने बयान में, उन्होंने सत्ताधारी गठबंधन को उसके उस चुनावी वादे की भी याद दिलाई, जिसमें सहकारी बैंकों से लिए गए कृषि ऋण को माफ करने का वादा किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने के बाद सरकार किश्तों में कर्ज माफी की बात कर रही है, जिससे किसानों में निराशा है।
इनपुट: IANS



