गुजरात: 31 साल से फ़रार लुटेरा खेतिहर मज़दूर बन छिपा था, पुलिस ने यूं धर दबोचा
गुजरात में तीन दशक से भी ज़्यादा समय से पुलिस को चकमा दे रहा एक आरोपी आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गया है। वलसाड ज़िला पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने 1996 के एक लूटकांड में वांछित 60 वर्षीय…
गुजरात में तीन दशक से भी ज़्यादा समय से पुलिस को चकमा दे रहा एक आरोपी आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गया है। वलसाड ज़िला पुलिस की स्थानीय अपराध शाखा (LCB) ने 1996 के एक लूटकांड में वांछित 60 वर्षीय प्रताप भूरिया को राजकोट ज़िले से गिरफ़्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रताप गिरफ़्तारी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा और राज्य के अलग-अलग हिस्सों में खेतिहर मज़दूर के तौर पर काम करता रहा।
यह गिरफ़्तारी गुजरात पुलिस द्वारा लंबे समय से फ़रार चल रहे अपराधियों को पकड़ने के लिए चलाए जा रहे एक विशेष अभियान का हिस्सा है। प्रताप को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वापी टाउन पुलिस स्टेशन को सौंप दिया गया है।
क्या था 31 साल पुराना मामला?
पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 नवंबर 1996 की रात की है। वापी के छीरी काडिया फलिया इलाके में चार अज्ञात लोग एक व्यक्ति के घर में घुस आए थे। आरोपियों ने चाकू और डंडों के बल पर घर के लोगों को धमकाया और घर व दुकान से नकदी और सोने के गहने लूटकर फ़रार हो गए थे। इस मामले में वापी टाउन पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 392 और 395 के तहत केस दर्ज किया गया था।
ऐसे चला पुलिस का ऑपरेशन
इस मामले में पुलिस ने जांच के दौरान सात आरोपियों को तो पहले ही गिरफ़्तार कर लिया था, लेकिन दो आरोपी लंबे समय तक फ़रार रहे, जिनमें से एक प्रताप भूरिया था। वलसाड LCB ने पुराने रिकॉर्ड, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की मदद से प्रताप की तलाश नए सिरे से शुरू की। पुलिस उपनिरीक्षक जेबी धनैशा के नेतृत्व में एक टीम पिछले तीन महीने से इस केस पर काम कर रही थी।
एक अहम सुराग पैरोल-फरलो स्क्वॉड के सहायक कांस्टेबल पंकज रूपाभाई को मिला, जिन्होंने बताया कि प्रताप राजकोट के जम कंडोरना इलाके के खातली गांव में काम कर रहा है। इसके बाद टीम के सदस्य वेश बदलकर गांव में रहे और स्थानीय नेटवर्क के ज़रिए जानकारी जुटाते रहे। आखिरकार, प्रताप भूरिया को हरेशभाई वेकारिया के खेत से धर दबोचा गया। पुलिस ने बताया कि प्रताप मूल रूप से मध्य प्रदेश के अलीराजपुर ज़िले के बोकडिया गांव का रहने वाला है।
इनपुट: IANS



