रविवार, 2 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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SBI रिसर्च का अनुमान: पहली तिमाही में 7% रह सकती है भारत की GDP ग्रोथ, बेहतर आर्थिक हालात से मिलेगी मदद

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत देते हुए, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत तक पहुंचने…

SBI रिसर्च का अनुमान: पहली तिमाही में 7% रह सकती है भारत की GDP ग्रोथ, बेहतर आर्थिक हालात से मिलेगी मदद
(फोटो: IANS)

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत देते हुए, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की रिसर्च रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में देश की जीडीपी वृद्धि दर 7 प्रतिशत तक पहुंचने की उम्मीद जताई गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह अनुमान पहले के आकलनों से बेहतर है और इसके पीछे सुधरते व्यापक आर्थिक हालात को मुख्य वजह माना जा रहा है।

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दिलचस्प है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी पिछली तीन मौद्रिक नीति समीक्षाओं में पश्चिम एशिया में तनाव को देखते हुए इसी तिमाही के लिए अपने अनुमान को 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया था। हालांकि, SBI रिसर्च की रिपोर्ट कहती है, "अब हमारा मानना है कि परिस्थितियां बदल चुकी हैं और पहली तिमाही की वृद्धि दर अनुमान से कहीं बेहतर रह सकती है।"

महंगाई और मानसून का असर

रिपोर्ट में महंगाई के मोर्चे पर भी राहत की बात कही गई है। अप्रैल 2026 तक, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का असर भारतीय उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ा, जिससे आयातित महंगाई नियंत्रण में रही। पहली तिमाही में महंगाई दर 3.9 प्रतिशत दर्ज की गई। हालांकि, रिपोर्ट का मानना है कि अगली दो तिमाहियों में यह 5 प्रतिशत से ऊपर जा सकती है, लेकिन पूरे वित्त वर्ष 2027 के लिए इसका अनुमान 5 प्रतिशत है, जो RBI के निर्धारित दायरे के भीतर है।

मानसून की स्थिति भी अर्थव्यवस्था के लिए अहम है। जून में 40 प्रतिशत की कमी के साथ धीमी शुरुआत के बाद, जुलाई में अच्छी बारिश ने देशभर में कुल वर्षा की कमी को घटाकर लगभग 13 प्रतिशत कर दिया। यह खरीफ की बुवाई के लिए महत्वपूर्ण है, जो अब पिछले साल के स्तर से केवल 4.7 प्रतिशत कम है।

अल नीनो की चुनौती और जलाशयों की स्थिति

हालांकि, भविष्य के लिए कुछ चुनौतियां भी हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मानसून के दूसरे चरण (अगस्त-सितंबर) में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है। इसके अलावा, जून के मध्य से शुरू हुआ अल नीनो प्रभाव लगातार मजबूत हो रहा है और इसके 2027 की शरद ऋतु तक बने रहने की आशंका है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक देर से सक्रिय होने वाला अल नीनो रबी की फसलों को प्रभावित कर सकता है।

इसके बावजूद, फिलहाल देश के प्रमुख जलाशयों में पानी का भंडारण सामान्य स्तर पर है, जो पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम होने पर भी संतोषजनक है। SBI रिसर्च को उम्मीद है कि बेहतर फसल उत्पादन से खाद्य महंगाई पर बहुत कम या कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

इनपुट: IANS

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