भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में नौकरियों की बहार, 2026 तक 67,000 भर्तियां, पर विशेषज्ञ मिलना मुश्किल
भारत का हेल्थकेयर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) सेक्टर नौकरियों के मामले में तेजी से बढ़ रहा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 तक इन केंद्रों में जॉब ओपनिंग की संख्या लगभग 93 प्रतिशत बढ़कर 67,000…
भारत का हेल्थकेयर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) सेक्टर नौकरियों के मामले में तेजी से बढ़ रहा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 तक इन केंद्रों में जॉब ओपनिंग की संख्या लगभग 93 प्रतिशत बढ़कर 67,000 तक पहुंच जाएगी। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कंपनियों को खास तौर पर 3 से 12 साल के अनुभव वाले पेशेवरों की तलाश है।
क्वेस कॉर्प (Quess Corp) द्वारा जारी इस रिपोर्ट के अनुसार, इस सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र होगा। अनुमान है कि जहां आज लगभग 60% केंद्र AI का इस्तेमाल कर रहे हैं, वहीं 2030 तक यह आंकड़ा 80-90% तक पहुंच सकता है। क्वेस आईटी सॉल्यूशंस के सीईओ कपिल जोशी ने कहा, "पिछले साल नियुक्तियां लगभग दोगुनी हो गईं, और 2023 के बाद से एआई और डेटा टैलेंट की मांग में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। फिर भी, सबसे बड़ी समस्या प्रतिभा की कमी है।"
किन क्षेत्रों में है सबसे ज़्यादा मांग?
रिपोर्ट के अनुसार, अब भर्तियां पारंपरिक सपोर्ट भूमिकाओं से हटकर विशेष क्षेत्रों की ओर जा रही हैं। 2023 से 2026 के बीच 'डेटा, एनालिटिक्स और एआई' से जुड़े पदों की मांग 147.3% बढ़कर 4,404 होने का अनुमान है। इसी तरह, 'रेगुलेटरी, क्वालिटी और कंप्लायंस' के क्षेत्र में मांग दोगुनी से ज़्यादा होकर 6,147 तक पहुंच सकती है। 'आरएंडडी, क्लिनिकल डेवलपमेंट, बायोमेट्रिक्स और सांख्यिकी' में भी मांग 82.5% बढ़कर 5,421 पदों तक पहुंचने की उम्मीद है।
अनुभवी पेशेवरों की भारी मांग
इस सेक्टर में फ्रेशर्स के लिए मौके कम हो रहे हैं, जबकि अनुभवी लोगों की पूछ बढ़ रही है। कुल 67,000 नौकरियों में से लगभग 38,391 पद 3 से 7 साल के अनुभव वाले पेशेवरों के लिए हैं, और 23,856 पद 7 से 12 साल के अनुभव वालों के लिए आरक्षित हैं। आंकड़ों के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में एंट्री-लेवल भर्तियों की मांग में सालाना 12.4% की गिरावट देखी गई, जबकि कुल तिमाही भर्ती मांग 6% बढ़ी।
विशेषज्ञों की कमी एक बड़ी चुनौती
भारत के हेल्थकेयर जीसीसी इकोसिस्टम में इस समय 155 संगठन हैं, जिनमें करीब 3.2 लाख पेशेवर काम करते हैं। इसके बावजूद, विशेष प्रतिभाओं की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। रिपोर्ट बताती है कि 'डेटा, एनालिटिक्स और एआई' जैसे क्षेत्रों में मांग और आपूर्ति का अनुपात सिर्फ 1.6:1 है, जो प्रतिभा की कमी को दर्शाता है।
बेंगलुरु और हैदराबाद बने हुए हैं हॉटस्पॉट
बेंगलुरु और हैदराबाद भारत के हेल्थकेयर जीसीसी के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। इन दो शहरों में ही कुल कार्यबल का 62.2% हिस्सा काम करता है और 2026 की अनुमानित भर्तियों का 58.4% हिस्सा भी यहीं से आने की उम्मीद है। अकेले बेंगलुरु में 1.09 लाख पेशेवर हैं और यहां 23,600 पदों की मांग है, जो मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, डिजिटल हेल्थ, एआई और मेडिकल-डिवाइस इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में है।
इनपुट: IANS



