राजस्थान पंचायत चुनाव: 16 जिलों में सरपंच और पंच के लिए मतदान आज, बैलेट पेपर से होगी वोटिंग
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में शनिवार को पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान हो रहा है, जहाँ करीब 85 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस बार सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए वोटिंग…
राजस्थान के ग्रामीण इलाकों में शनिवार को पंचायत चुनाव के पहले चरण के लिए मतदान हो रहा है, जहाँ करीब 85 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस बार सरपंच और वार्ड पंच के पदों के लिए वोटिंग इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के बजाय पारंपरिक मतपत्रों (बैलेट पेपर) से कराई जा रही है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक चलेगा।
मतदान समाप्त होने के तुरंत बाद वोटों की गिनती शुरू हो जाएगी और नतीजे भी देर रात तक घोषित किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, बैलेट पेपर के इस्तेमाल के कारण गिनती की प्रक्रिया में सामान्य से अधिक समय लग सकता है। हर मतदाता दो वोट डालेगा — एक सरपंच पद के लिए और दूसरा अपने वार्ड के पंच के लिए।
मतदान और मतगणना की प्रक्रिया
पहले चरण का यह चुनाव 16 जिलों की कुल 3,314 ग्राम पंचायतों में हो रहा है, जिसके लिए 9,886 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतगणना के दौरान सबसे पहले वार्ड पंच के वोटों की गिनती होगी, जिसके बाद सरपंच पद के मत गिने जाएंगे। अधिकारियों का मानना है कि जिन सीटों पर मुकाबला कड़ा होगा या कोई विवाद की स्थिति बनेगी, वहां वोटों की दोबारा गिनती भी हो सकती है, जिससे अंतिम परिणाम आने में और देरी संभव है।
स्थानीय समीकरणों पर टिका है मुकाबला
ये चुनाव सीधे तौर पर किसी राजनीतिक दल के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़े जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय राजनीतिक समीकरण और ग्रामीण स्तर की प्रतिद्वंद्विता के कारण मुकाबला बेहद दिलचस्प और कड़ा माना जा रहा है। बाड़मेर जिले में पहले चरण में सबसे ज्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं, जहाँ सरपंच पद के लिए 419 और वार्ड पंच पद के लिए 3,029 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। वहीं, जोधपुर की बालेसर पंचायत समिति में शुक्रवार को उम्मीदवारों ने अपने समर्थकों के साथ नामांकन दाखिल किया।
इन चुनावों के बाद, उप-सरपंच का चुनाव 25 अक्टूबर को होगा, जिसमें नवनिर्वाचित वार्ड पंच हिस्सा लेंगे। आम मतदाता इस प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे।
इनपुट: IANS



