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भारत-अफ्रीका आर्थिक रिश्ते: दो दशकों में व्यापार 14 गुना बढ़कर 98 अरब डॉलर, निवेश भी 75 अरब डॉलर के पार

भारत और अफ्रीका के बीच आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। पिछले दो दशकों में दोनों के बीच व्यापार लगभग 14 गुना बढ़कर 98 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जबकि अफ्रीका में भारत का कुल निवेश 75 अरब डॉलर…

भारत-अफ्रीका आर्थिक रिश्ते: दो दशकों में व्यापार 14 गुना बढ़कर 98 अरब डॉलर, निवेश भी 75 अरब डॉलर के पार
(फोटो: IANS)

भारत और अफ्रीका के बीच आर्थिक साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है। पिछले दो दशकों में दोनों के बीच व्यापार लगभग 14 गुना बढ़कर 98 अरब डॉलर तक पहुँच गया है, जबकि अफ्रीका में भारत का कुल निवेश 75 अरब डॉलर को पार कर चुका है। इंडिया-अफ्रीका एंटरप्रेन्योरशिप फोरम (आईएईएफ) द्वारा संकलित और अफ्रीका न्यूज एजेंसी (एएनए) द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 2001 में यह व्यापार महज 7 अरब डॉलर का था।

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यह निवेश मुख्य रूप से दूरसंचार, फार्मा, बुनियादी ढाँचे और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में केंद्रित है। केपटाउन शहर की मेयर समिति में आर्थिक विकास के सदस्य जेम्स वोस के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और अफ्रीका के बीच व्यापार 100 अरब डॉलर से भी ज्यादा रहा, जो 2019-20 में 56 अरब डॉलर था। उन्होंने इस वृद्धि को "आने वाली और बड़ी प्रगति की सिर्फ शुरुआत" बताया।

सम्मेलन और भविष्य की संभावनाएं

हाल ही में केपटाउन में 13 से 15 जुलाई, 2026 तक छठे 'इंडिया-अफ्रीका एंटरप्रेन्योरशिप एंड इन्वेस्टमेंट समिट' का आयोजन हुआ। इस सम्मेलन में 26 देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और क्षेत्रीय निवेश, डिजिटल कौशल, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु-अनुकूल कृषि और फिनटेक जैसे कई अहम विषयों पर चर्चा की। आईएईएफ का मानना है कि भारत और अफ्रीका की संयुक्त आर्थिक क्षमता करीब 7 ट्रिलियन डॉलर है। दोनों क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, विनिर्माण, स्वास्थ्य सेवा और लॉजिस्टिक्स जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में विकास की अपार संभावनाएं हैं।

भारतीय प्रवासियों की भूमिका

अफ्रीका में बसे भारतीय मूल के लगभग 30 लाख लोग इस आर्थिक रिश्ते को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसी समुदाय के योगदान को रेखांकित करने के लिए सम्मेलन के दौरान आईएईएफ ने अफ्रीका के 100 सबसे प्रभावशाली भारतीय मूल के उद्यमियों की सूची भी जारी की। इस सूची में केन्या, घाना, बोत्सवाना और कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य (डीआरसी) जैसे देशों के उद्यमी शामिल हैं, जिनमें डीआरसी के विनमार्ट और सोमिका ग्रुप के चेयरमैन चेतन चुग का नाम भी है।

निवेश के आँकड़ों पर एक नज़र

समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, आर्थिक संबंधों के आँकड़ों में कुछ भिन्नता भी दिखती है। केपटाउन के निजी क्षेत्र के सम्मेलन से कुछ हफ्ते पहले, नई दिल्ली में हुए चौथे भारत-अफ्रीका फोरम शिखर सम्मेलन में भारतीय अधिकारियों ने बताया था कि 1996 से 2025 के बीच अफ्रीका में भारत का कुल निवेश करीब 80 अरब डॉलर रहा। इसके अलावा, भारत ने 41 अफ्रीकी देशों को पेयजल, कृषि और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के लिए 10 अरब डॉलर से अधिक की 190 रियायती ऋण सुविधाएँ भी दी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी और निजी आँकड़ों का यह अंतर दिखाता है कि कई दशकों में फैले इन आर्थिक संबंधों का सटीक आकलन करना कितना जटिल है।

इनपुट: IANS

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