अगस्त में भारतीय ऑटो बाज़ार ने तोड़े बिक्री के सारे रिकॉर्ड, हर सेगमेंट में ज़बरदस्त उछाल
भारतीय ऑटोमोबाइल बाज़ार ने इस साल अगस्त के महीने में बिक्री का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 24,23,201 वाहनों की खुदरा…
भारतीय ऑटोमोबाइल बाज़ार ने इस साल अगस्त के महीने में बिक्री का एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 24,23,201 वाहनों की खुदरा बिक्री हुई, जो पिछले साल अगस्त के मुकाबले 17.51% ज़्यादा है। यह किसी भी साल के अगस्त महीने में हुई अब तक की सबसे ज़्यादा बिक्री है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) की रिपोर्ट बताती है कि दोपहिया, यात्री वाहन, कमर्शियल वाहन, ट्रैक्टर और तिपहिया समेत हर सेगमेंट ने बिक्री के नए रिकॉर्ड बनाए हैं। हालांकि, जुलाई के रिकॉर्डतोड़ आंकड़ों की तुलना में अगस्त की कुल बिक्री में 6.48% की गिरावट भी दर्ज की गई। फाडा के अध्यक्ष साई गिरिधर के मुताबिक, इसकी मुख्य वजह मानसून के दौरान आने वाली सामान्य मौसमी सुस्ती और त्योहारों की तारीखों में बदलाव है। इस बदलाव के कारण गणेश चतुर्थी और ओणम की कुछ खरीदारी सितंबर महीने में चली गई।
किस सेगमेंट में कितनी गाड़ियाँ बिकीं?
दोपहिया वाहन: इस सेगमेंट ने सबसे दमदार प्रदर्शन किया। अगस्त में कुल 17,14,610 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो सालाना आधार पर 19.69% की बढ़ोतरी है। यह अगस्त महीने में दोपहिया वाहनों की अब तक की सबसे अधिक बिक्री का आंकड़ा है।
यात्री वाहन: कारों और SUVs की खुदरा बिक्री पहली बार अगस्त में 4 लाख यूनिट के पार पहुँच गई। कुल 4,02,398 यात्री वाहन बिके, जो पिछले साल के इसी महीने से 16.14% ज़्यादा है। हालांकि, मासिक आधार पर बिक्री में 3.40% की कमी आई।
कमर्शियल वाहन: इस सेगमेंट में भी अगस्त का अब तक का सबसे बड़ा बिक्री का आंकड़ा दर्ज किया गया। कुल 90,769 यूनिट्स की बिक्री हुई, जो सालाना 14.45% की वृद्धि दर्शाती है।
तिपहिया वाहन: कुल 1,22,281 तिपहिया वाहनों की बिक्री हुई, जो सालाना 8.64% अधिक है। इसमें इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की हिस्सेदारी 65.30% रही, जो एक महत्वपूर्ण आंकड़ा है।
आगे की राह और चुनौतियाँ
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो डीलर सितंबर को लेकर भी सकारात्मक हैं, हालांकि उनकी उम्मीदें जुलाई के उच्चतम स्तर जितनी नहीं हैं। डीलरों की सारी उम्मीदें अब त्योहारी सीजन पर टिकी हैं, जिसमें गणेश चतुर्थी, ओणम की बाकी खरीदारी और नवरात्रि शामिल हैं। करीब 43.59% डीलरों ने बताया कि त्योहारी सीजन के लिए बुकिंग की पाइपलाइन पहले से तैयार होने लगी है।
इसके साथ ही कुछ चिंताएँ भी हैं। मानसून की कमी के कारण ग्रामीण इलाकों से मांग पर असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा, 1 सितंबर से वाहन निर्माताओं द्वारा कीमतों में की गई बढ़ोतरी भी एक चुनौती के रूप में देखी जा रही है।
इनपुट: IANS



