विस्फोटक आयुध निपटान: भारत और अमेरिका की नौसेनाओं ने कोच्चि में संयुक्त अभ्यास संपन्न किया
भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच आपसी सहयोग और परिचालन तालमेल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देशों की नौसेनाओं ने कोच्चि में 'विस्फोटक…
भारत और अमेरिका की नौसेनाओं के बीच आपसी सहयोग और परिचालन तालमेल को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों देशों की नौसेनाओं ने कोच्चि में 'विस्फोटक आयुध निपटान' (EOD) अभ्यास का आठवां संस्करण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। भारत के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि यह पांच दिवसीय द्विपक्षीय अभ्यास 14 अगस्त को दक्षिणी नौसेना कमान में संपन्न हुआ।
इस संयुक्त प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य दोनों नौसेनाओं के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करना और पेशेवर कौशल को बढ़ाना था।
अभ्यास के मुख्य अंश
इस अभ्यास के दौरान, दोनों देशों की टीमों ने गहन पेशेवर बातचीत की और कई प्रदर्शनों में हिस्सा लिया। मंत्रालय के अनुसार, यह कार्यक्रम ईओडी अभियानों के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा करने के लिए एक प्रभावी मंच साबित हुआ। विषय विशेषज्ञों के बीच हुए आदान-प्रदान में इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) से उत्पन्न वास्तविक खतरों, उन्हें निष्क्रिय करने की प्रक्रियाओं, बारूदी सुरंगों को नष्ट करने और मानव रहित पनडुब्बी प्रणालियों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।
गोताखोरी और विशेष प्रशिक्षण
इस अभ्यास में एक क्रॉस-ट्रेनिंग चरण भी शामिल था, जिसमें गोताखोरी के विभिन्न क्षेत्रों में अभ्यास किए गए। इनमें पानी के नीचे मलबे का पता लगाना और उसे हटाना, विशेष उपकरणों का इस्तेमाल करना और स्लिथरिंग ऑपरेशन जैसी तकनीकें शामिल थीं। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि इस संयुक्त प्रशिक्षण से न केवल गोताखोर टीमों की पेशेवर क्षमता और कौशल में वृद्धि हुई, बल्कि आपसी समझ और अंतर-संचालन क्षमता भी बेहतर हुई। मंत्रालय ने इस अभ्यास के सफल समापन को विशेष समुद्री अभियानों में सहयोग मजबूत करने की दोनों नौसेनाओं की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।
अंतरराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास में भारत की भूमिका
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भारतीय नौसेना ने हवाई में आयोजित दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय समुद्री अभ्यास, रिम ऑफ द पैसिफिक (RIMPAC) 2026 में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारतीय नौसेना ने पहली बार इस अभ्यास के दौरान थिएटर-लेवल एंटी-सबमरीन वॉरफेयर के लिए डिप्टी कमांडर टास्क फोर्स का पद संभाला था। RIMPAC का 30वां सत्र 1 जुलाई से 31 जुलाई तक आयोजित किया गया था।
इनपुट: IANS



