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भारत का बड़ा लक्ष्य: 2026-27 तक निर्यात को 1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुँचाने की तैयारी

भारत सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष (2026-27) में देश के कुल निर्यात को 1 ट्रिलियन डॉलर यानी एक लाख करोड़ डॉलर के महत्वाकांक्षी स्तर पर पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, केंद्र

भारत का बड़ा लक्ष्य: 2026-27 तक निर्यात को 1 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुँचाने की तैयारी
(फोटो: IANS)

भारत सरकार ने मौजूदा वित्त वर्ष (2026-27) में देश के कुल निर्यात को 1 ट्रिलियन डॉलर यानी एक लाख करोड़ डॉलर के महत्वाकांक्षी स्तर पर पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। यह लक्ष्य हासिल करने के लिए पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 863 अरब डॉलर के निर्यात की तुलना में दोहरे अंकों में मजबूत वृद्धि दर्ज करनी होगी।

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नई दिल्ली में बोर्ड ऑफ ट्रेड की बैठक को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने इस बड़े लक्ष्य की रूपरेखा सामने रखी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार निर्यात के क्षेत्र में ऊँची महत्वाकांक्षा रखती है और इसे साकार करने के लिए उद्योग जगत के सहयोग की अपील की है।

वस्तु और सेवा निर्यात का अलग-अलग लक्ष्य

इस 1 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य को दो हिस्सों में बांटा गया है। सरकार का इरादा चालू वित्त वर्ष में वस्तुओं (Merchandise) के निर्यात को लगभग 530 अरब डॉलर तक ले जाने का है, जिसके लिए करीब 17% की वृद्धि दर आवश्यक होगी। वहीं, सेवाओं (Services) के निर्यात को 421 अरब डॉलर से बढ़ाकर लगभग 470 अरब डॉलर करने का लक्ष्य है, जिसके लिए 11% की वृद्धि हासिल करनी होगी। गोयल ने कहा कि जून तक के आँकड़े इस बात का संकेत देते हैं कि भारत अपने लक्ष्य की ओर सही दिशा में बढ़ रहा है।

वैश्विक बाज़ार में पैठ बनाने पर ज़ोर

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारतीय कंपनियों को अब सिर्फ घरेलू बाज़ार पर निर्भर रहने की बजाय वैश्विक बाज़ारों में अपनी मौजूदगी मज़बूत करनी चाहिए। उन्होंने कहा, “मैं एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य चाहता हूं। आइए, हम सभी मिलकर इस दिशा में काम करें। आज भारत पहले से अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय देश बन रहा है। दुनिया हमारे साथ कारोबार करना चाहती है। अब हमें आगे बढ़कर वैश्विक बाजारों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ानी होगी।”

गोयल ने निर्यातकों को सफलता का मंत्र देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में सिर्फ प्रतिस्पर्धी कीमतों से काम नहीं चलता। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता सुधारने, विशेष कौशल विकसित करने, मज़बूत वैश्विक ब्रांड बनाने और ग्राहकों तक खुद पहुँचने की ज़रूरत पर बल दिया। सरकार इस काम में कंपनियों की मदद के लिए 'एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन' को और सशक्त कर रही है, जो विदेशों में भारतीय उत्पादों की ब्रांडिंग में भी सहायता करेगा।

मुक्त व्यापार समझौतों से मिलेगी मदद

पीयूष गोयल ने नए मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements) की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ओमान के साथ एफटीए 1 जून से लागू हो चुका है, जबकि भारत-ब्रिटेन एफटीए के 15 जुलाई तक प्रभावी होने की उम्मीद है। उनके अनुसार, ये समझौते भारतीय निर्यातकों को बड़े बाज़ारों तक पहुँचने में मदद करेंगे, जिससे निर्यात को नई रफ़्तार मिलेगी।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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