सौर ऊर्जा में आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम: पॉलीसिलिकॉन उत्पादन के लिए नई PLI योजना लाएगी सरकार
भारत अपनी स्वच्छ ऊर्जा ambitions को पूरा करने और सोलर पैनल के लिए कच्चे माल के मामले में चीन पर निर्भरता खत्म करने के लिए एक बड़ी तैयारी कर रहा है। सरकार जल्द ही पॉलीसिलिकॉन के घरेलू निर्माण को…
भारत अपनी स्वच्छ ऊर्जा ambitions को पूरा करने और सोलर पैनल के लिए कच्चे माल के मामले में चीन पर निर्भरता खत्म करने के लिए एक बड़ी तैयारी कर रहा है। सरकार जल्द ही पॉलीसिलिकॉन के घरेलू निर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (PLI) योजना लाने जा रही है। पॉलीसिलिकॉन सोलर फोटोवोल्टिक (PV) पैनल बनाने के लिए सबसे ज़रूरी कच्चा माल है, और समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस कदम का मकसद देश की सप्लाई चेन को मज़बूत करना है।
फिलहाल, भारत अपनी पॉलीसिलिकॉन की ज़रूरतों के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है, और इस बाज़ार पर चीन का दबदबा है। नई दिल्ली में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के एक कार्यक्रम में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने कहा कि यह प्रस्तावित योजना भारत के मैन्युफैक्चरिंग अभियान को सौर ऊर्जा की वैल्यू चेन में और आगे ले जाएगी।
घरेलू उत्पादन को मिलेगा बड़ा सहारा
इस नई PLI योजना से देश में पॉलीसिलिकॉन बनाने की क्षमता में निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, जिससे एक ज़्यादा एकीकृत सोलर मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम तैयार होगा। संतोष कुमार सारंगी के मुताबिक, "आगामी प्रोत्साहन कार्यक्रम 10 गीगावाट से अधिक पॉलीसिलिकॉन उत्पादन क्षमता को समर्थन दे सकता है।" हालांकि, उन्होंने यह भी साफ़ किया कि इस योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता की राशि अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।
यह पहल सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत मॉड्यूल, सेल, वेफर, और इंगॉट के साथ-साथ अब पॉलीसिलिकॉन को भी शामिल कर एक संपूर्ण सौर विनिर्माण सप्लाई चेन तैयार की जा रही है।
2030 के लक्ष्य पर नज़र
भारत पहले ही सौर सेल और मॉड्यूल के उत्पादन के लिए 24,000 करोड़ रुपए की PLI योजनाएं लागू कर चुका है। अब पॉलीसिलिकॉन पर ध्यान केंद्रित कर सरकार घरेलू सौर निर्माण श्रृंखला की एक बड़ी कमी को दूर करना चाहती है। देश ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता हासिल करने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है, जिसे पाने में सौर ऊर्जा की केंद्रीय भूमिका होगी।
सारंगी ने यह भी बताया कि भारत ने 200 गीगावाट से ज़्यादा की सौर मॉड्यूल और 32 गीगावाट से ज़्यादा की सौर सेल बनाने की क्षमता स्थापित कर ली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले एक साल के भीतर 100 गीगावाट की अतिरिक्त सौर सेल निर्माण क्षमता भी चालू हो जाएगी।
इनपुट: IANS



