ग्रीन एनर्जी में भारत की बड़ी छलांग, कुल ऊर्जा क्षमता में आधे से ज़्यादा हिस्सा अब गैर-जीवाश्म स्रोतों का
भारत ने स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। देश की कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता में अब आधे से ज़्यादा हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन यानी रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों का…
भारत ने स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया है। देश की कुल स्थापित ऊर्जा क्षमता में अब आधे से ज़्यादा हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन यानी रिन्यूएबल एनर्जी स्रोतों का हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि 31 जुलाई, 2024 तक यह क्षमता 300 गीगावाट के आँकड़े को पार कर गई।
यह उपलब्धि देश की कुल 552 गीगावाट की स्थापित ऊर्जा क्षमता का लगभग 54 प्रतिशत है। इसके साथ ही, भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता हासिल करने के अपने लक्ष्य का 60 प्रतिशत हिस्सा भी समय से पहले ही पूरा कर लिया है।
सौर और पवन ऊर्जा ने दी रफ़्तार
इस बड़ी सफलता के पीछे सौर ऊर्जा (Solar Energy) का सबसे बड़ा योगदान रहा है। एक दशक पहले, यानी 2014 में जहाँ सौर ऊर्जा की क्षमता महज़ 2.8 गीगावाट थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 165 गीगावाट हो चुकी है। इसी तरह, पवन ऊर्जा (Wind Energy) की क्षमता भी 2014 के 21 गीगावाट से बढ़कर अब 58 गीगावाट से अधिक हो गई है।
मंत्रालय के आँकड़ों के मुताबिक, सिर्फ़ वित्त वर्ष 2023-24 के दौरान ही देश में रिकॉर्ड 55.29 गीगावाट की नई गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित क्षमता स्थापित की गई, जिसमें सौर ऊर्जा (44.6 गीगावाट) और पवन ऊर्जा (6 गीगावाट) की प्रमुख हिस्सेदारी रही।
बढ़ता उत्पादन और घरेलू विनिर्माण
क्षमता में इस बढ़ोतरी का सीधा असर ऊर्जा उत्पादन पर भी दिख रहा है। देश में रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन 2014-15 के 190.96 बिलियन यूनिट (BU) से दोगुने से भी ज़्यादा होकर 2023-24 में 477.79 बिलियन यूनिट तक पहुँच गया है।
आत्मनिर्भरता पर ज़ोर: स्वच्छ ऊर्जा की सप्लाई चेन में आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए सरकार घरेलू विनिर्माण को भी बढ़ावा दे रही है। 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव' (PLI) जैसी योजनाओं के चलते सोलर PV मॉड्यूल के लिए रजिस्टर्ड घरेलू विनिर्माण क्षमता 2014 के 2.3 गीगावाट से बढ़कर अब 200 गीगावाट के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गई है। इसके अलावा, 'नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन' के ज़रिए भारत को ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन और निर्यात का एक वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
इनपुट: IANS



