शुक्रवार, 25 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
महाराष्ट्र

IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत: लॉक iPhone 17 ने बढ़ाई मुंबई क्राइम ब्रांच की मुश्किलें

आईआईटी-बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने एक बड़ी तकनीकी चुनौती आ खड़ी हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, साहिल का आईफोन 17…

IIT बॉम्बे छात्र साहिल वाकोडे की मौत: लॉक iPhone 17 ने बढ़ाई मुंबई क्राइम ब्रांच की मुश्किलें
(फोटो: IANS)

आईआईटी-बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी मुंबई क्राइम ब्रांच के सामने एक बड़ी तकनीकी चुनौती आ खड़ी हुई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, साहिल का आईफोन 17 पैटर्न लॉक है, जिसे जांच टीम अब तक खोल नहीं सकी है। यह फोन मामले की जांच में एक अहम कड़ी साबित हो सकता है, क्योंकि इससे साहिल के आखिरी पलों से जुड़ी अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।

विज्ञापन

पुलिस के लिए सबसे बड़ा सवाल यह है कि 18 सितंबर को परीक्षा हॉल से बाहर निकाले जाने के बाद हॉस्टल लौटने तक के 47 मिनट में साहिल के साथ क्या हुआ था। जांचकर्ताओं का मानना है कि साहिल के फोन से यह पता चल सकता है कि उसने उस दौरान क्या सर्च किया या किससे संपर्क साधा।

जांच में अहम सुराग बन सकता है फोन

साहिल पर 18 सितंबर को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने का आरोप लगा था, जिसके बाद प्रोफेसर सूर्यनारायण डुल्ला ने उसे परीक्षा हॉल से बाहर जाने को कहा था। सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, वह दोपहर करीब 12:38 बजे हॉल से निकला और 1:25 बजे अपने हॉस्टल के कमरे में वापस आया। क्राइम ब्रांच अब इसी 47 मिनट की पहेली को सुलझाने के लिए परीक्षा हॉल से हॉस्टल तक के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।

जांच टीम के सामने मुश्किल यह है कि साहिल के आईफोन 17 का पैटर्न लॉक उसके किसी भी परिचित को नहीं पता है। फोन का डेटा एन्क्रिप्टेड होने और मॉडल नया होने के कारण पुलिस के मौजूदा फोरेंसिक टूल भी इसे अनलॉक करने में नाकाम रहे हैं।

एडवांस्ड टेक्नोलॉजी की ली जाएगी मदद

इस तकनीकी बाधा को दूर करने के लिए क्राइम ब्रांच अब दूसरी एजेंसियों से संपर्क करने पर विचार कर रही है, जिनके पास नए आईफोन मॉडल से डेटा निकालने की उन्नत तकनीक मौजूद है। फोन के अलावा, साहिल का लैपटॉप भी जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।

इस मामले में अब तक 20 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें आईआईटी के छात्र और स्टाफ सदस्य शामिल हैं। परीक्षा हॉल में मौजूद छात्रों और शिक्षकों से भी पूछताछ की गई है। शुरुआत में यह मामला पवई पुलिस स्टेशन में दर्ज हुआ था, जिसे बाद में क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया। जांच टीम अब फोन, लैपटॉप, सीसीटीवी और बयानों से मिले सुरागों को जोड़कर घटनाओं का पूरा क्रम समझने का प्रयास कर रही है।

इनपुट: IANS

N

News4Social महाराष्ट्र डेस्क

News4Social महाराष्ट्र डेस्क — IANS समेत लाइसेंस-प्राप्त समाचार एजेंसियों की फीड से महाराष्ट्र से जुड़ी ताज़ा व प्रामाणिक खबरें संपादकीय समीक्षा के बाद प्रकाशित करता है। हर खबर उसके स्रोत के श्रेय (credit) के साथ दी जाती है। सभी लेख देखें →

आगे पढ़ें

और देखें →