सऊदी अरब में फिर हौती हमला: नजरान एयरपोर्ट और अरामको तेल सुविधा को ड्रोन से बनाया निशाना
यमन के हौती विद्रोहियों ने एक बार फिर सऊदी अरब के भीतर ड्रोन हमले करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को समूह ने घोषणा की कि उसने सऊदी अरब के दक्षिणी नजरान…
यमन के हौती विद्रोहियों ने एक बार फिर सऊदी अरब के भीतर ड्रोन हमले करने का दावा किया है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को समूह ने घोषणा की कि उसने सऊदी अरब के दक्षिणी नजरान क्षेत्र में स्थित एक हवाई अड्डे और सरकारी तेल कंपनी अरामको की एक तेल सुविधा पर सफलतापूर्वक ड्रोन हमले किए हैं।
हौती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में इन हमलों की पुष्टि की। उनके मुताबिक, एक ड्रोन ने नजरान एयरपोर्ट पर एक "संवेदनशील लक्ष्य" को भेदा, जबकि दूसरे ड्रोन ने सऊदी अरामको की तेल सुविधा को निशाना बनाया। सरी ने दावा किया कि दोनों ही हमले अपने लक्ष्य को हासिल करने में सफल रहे, हालांकि उन्होंने इससे हुए किसी भी नुकसान या हताहतों का विवरण नहीं दिया।
प्रतिशोध और जवाबी कार्रवाई का दौर
हौती समूह ने इन हमलों को सऊदी अरब की कथित घुसपैठ का जवाब बताया है। उनका आरोप है कि सऊदी अरब ने उनके गढ़ माने जाने वाले उत्तरी सादा प्रांत के हवाई क्षेत्र में ड्रोन भेजे थे। यह प्रांत सऊदी अरब की सीमा से लगा हुआ है। दूसरी ओर, सऊदी सरकार या अरामको की तरफ से हौती के इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब यमन की सरकारी सेना ने भी हौती ठिकानों के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज करने का दावा किया है। यमनी सेना के प्रवक्ता माजिद अल-नुजैली के अनुसार, पिछले 24 घंटों में हौती के खिलाफ 81 सैन्य अभियान चलाए गए, जिनमें कई लड़ाके और फील्ड कमांडर मारे गए या घायल हुए। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई सरकारी बलों और नागरिक ठिकानों पर हौती के लगातार हमलों के जवाब में की गई है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
यह हमला क्षेत्र में बढ़ते तनाव की ताजा कड़ी है। गौरतलब है कि हौती समूह ने 20 जुलाई को सऊदी जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध की घोषणा की थी, जिसके बाद से उसने सऊदी टैंकरों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और हवाई अड्डों पर कई हमलों की जिम्मेदारी ली है। यमन 2014 के अंत से ही गृहयुद्ध की चपेट में है, जब हौती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित देश के बड़े उत्तरी हिस्से पर कब्जा कर लिया था। 2015 में, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में सैन्य हस्तक्षेप शुरू किया था।
इनपुट: IANS



