गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
स्वास्थ्य

तमिलनाडु में दवाओं के बिल पर MRP से ज़्यादा वसूली की शिकायतें, सरकार ने जांच के आदेश दिए

तमिलनाडु में मरीज़ों से दवाओं और मेडिकल सामान पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) या उससे ज़्यादा कीमत वसूलने की शिकायतों ने स्वास्थ्य विभाग को हरकत में ला दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन गंभीर…

तमिलनाडु में दवाओं के बिल पर MRP से ज़्यादा वसूली की शिकायतें, सरकार ने जांच के आदेश दिए
(फोटो: IANS)

तमिलनाडु में मरीज़ों से दवाओं और मेडिकल सामान पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) या उससे ज़्यादा कीमत वसूलने की शिकायतों ने स्वास्थ्य विभाग को हरकत में ला दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन गंभीर आरोपों के बाद राज्य के औषधि नियंत्रण निदेशालय ने चुनिंदा अस्पतालों और उनसे जुड़ी दवा की दुकानों (फार्मेसी) के विस्तृत निरीक्षण के आदेश जारी किए हैं।

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यह कार्रवाई उन रिपोर्टों के आधार पर की गई है जिनमें कहा गया था कि अस्पताल निर्माता कंपनियों से सस्ते दामों पर दवाइयां खरीदते हैं, लेकिन मरीज़ों को बेचते समय बिल में पूरी MRP वसूलते हैं। इस मामले की तह तक जाने के लिए जांचकर्ता अस्पताल के खरीद मूल्य और मरीज़ों को दिए गए बिल का मिलान करेंगे।

जांच का दायरा और प्रक्रिया

औषधि नियंत्रण के संयुक्त निदेशक एस. गुरु भारती ने 1 अक्टूबर को जारी एक आदेश में जांच की पूरी रूपरेखा तय की है। जांच के दायरे में सिर्फ दवाएं ही नहीं, बल्कि मेडिकल उपकरण और अन्य इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं (कंज्यूमेबल्स) भी शामिल होंगी। निरीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे कीमतों में बड़े अंतर, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और लेबलिंग नियमों के उल्लंघन जैसे मामलों को दस्तावेज़ों के साथ दर्ज करें। निदेशालय ने इस निरीक्षण को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है।

एस. गुरु भारती के अनुसार, अगर जांच में कीमत संबंधी नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो औषधि (मूल्य नियंत्रण) आदेश, 2013 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नशे की दवाओं की बिक्री पर भी शिकंजा

एक दूसरे आदेश में, निदेशालय ने डॉक्टर के पर्चे पर मिलने वाली उन दवाओं के दुरुपयोग पर भी चिंता जताई है जिनसे नशे की लत लग सकती है। टैपेंटाडोल और नाइट्राजेपम जैसी दवाओं के गलत इस्तेमाल की रिपोर्टों को জনस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बताते हुए अधिकारियों को अपने-अपने इलाकों में निगरानी और कार्रवाई तेज़ करने का निर्देश दिया गया है।

अधिकारियों को रिटेल और होलसेल दवा दुकानों पर औचक निरीक्षण करने के लिए कहा गया है। इस दौरान वे खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड, बिल, स्टॉक की स्थिति और डॉक्टर के पर्चे की वैधता की जांच करेंगे। साथ ही, डिस्पोजेबल सिरिंज और सुइयों पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश है ताकि इनके गलत इस्तेमाल को रोका जा सके।

इनपुट: IANS

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