वायुसेना दिवस: एयर चीफ मार्शल ने कहा- 'कितनी भी कठिन परिस्थिति हो, कमजोर कड़ी नहीं बनना है'
भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने सभी वायु योद्धाओं से एक महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह कभी भी…
भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने सभी वायु योद्धाओं से एक महत्वपूर्ण संकल्प लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि हर सदस्य को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह कभी भी वायुसेना रूपी श्रृंखला की 'कमजोर कड़ी' न बने, चाहे परिस्थितियां कितनी भी चुनौतीपूर्ण क्यों न हों। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह भव्य समारोह गुरुवार को गाजियाबाद के हिंडन वायुसेना स्टेशन पर आयोजित किया गया।
इस अवसर पर आयोजित परेड को संबोधित करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि संगठन का हित हमेशा व्यक्तिगत हितों से ऊपर होना चाहिए। उन्होंने वायुसेना में आपसी सम्मान पर आधारित और किसी भी प्रकार के पक्षपात या भेदभाव से मुक्त वातावरण बनाने पर जोर दिया। एयर चीफ मार्शल ने 'स्वयं से पहले सेवा' के सिद्धांत को वायुसेना का मूल भाव बताया।
सेवानिवृत्ति और भविष्य का दृष्टिकोण
अपने संबोधन में वायुसेना प्रमुख ने कहा कि यह अवसर उनके लिए व्यक्तिगत रूप से भी विशेष गर्व का है, क्योंकि इसी महीने वह वायुसेना की कमान अपने उत्तराधिकारी को सौंपने जा रहे हैं। उन्होंने वायुसेना प्रमुख के रूप में सेवा करने को अपना सबसे बड़ा सौभाग्य बताया। भविष्य पर बात करते हुए उन्होंने लगातार आत्मचिंतन की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि सिर्फ आगे बढ़ना ही काफी नहीं है, बल्कि सही दिशा में आगे बढ़ना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
बलिदान और योगदान को नमन
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा। साथ ही, उन्होंने वायुसेना के पूर्व योद्धाओं के योगदान को भी नमन करते हुए कहा कि उनके समर्पण और दूरदर्शिता ने ही भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को आकार दिया है। उन्होंने वायु योद्धाओं के परिवारों के त्याग और सहयोग को भी याद किया, जिसे उन्होंने वायुसेना की ताकत का एक अहम स्तंभ बताया।
समारोह में थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और पूर्व वायुसेना प्रमुख भी शामिल हुए। वायुसेना प्रमुख ने अपने संबोधन का समापन 'जय हिंद' के उद्घोष के साथ किया और सभी से राष्ट्र सेवा में खुद को फिर से समर्पित करने का आग्रह किया।
इनपुट: IANS



